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7 साल की बच्ची के शरीर में मिली चार आधी-आधी किडनी, रोबोटिक सर्जरी से होगा उपचार
 

 

लखनऊ। सात साल की एक बच्ची के शरीर में चार आधी-आधी किडनी पाए जाने का दुर्लभ मामला सामने आया है। चिकित्सकीय भाषा में इस स्थिति को डुप्लेक्स किडनी कहा जाता है। बच्ची पिछले एक महीने से अधिक समय से पीजीआई लखनऊ में भर्ती है, जहां डॉक्टर रोबोटिक सर्जरी के जरिए उसकी समस्या का उपचार करने की तैयारी कर रहे हैं।

परिजनों के अनुसार बच्ची 19 मई से अस्पताल में भर्ती है। जांच में पता चला कि उसकी चारों किडनियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं, लेकिन उनसे निकलने वाली चार नलियों (यूरेटर) में से दो आपस में जुड़ गई हैं, जिसके कारण उसे पेशाब से संबंधित परेशानी हो रही है। डॉक्टर सर्जरी के दौरान एक नली को काटकर दूसरी में जोड़ेंगे, जिससे यूरिन के प्रवाह में आ रही बाधा दूर हो सकेगी।

दो साल पहले हुई थी बीमारी की पहचान

कुशीनगर निवासी बच्ची के पिता ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले बेटी को तेज पेट दर्द और पेशाब संबंधी समस्या होने लगी थी। गोरखपुर में कराए गए सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड में पता चला कि उसके शरीर में चार आधी-आधी किडनी मौजूद हैं। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर उसे पीजीआई लखनऊ में भर्ती कराया गया।

बेटी की बीमारी ने पिता को शोध के लिए किया प्रेरित

बेटी की बीमारी की जानकारी मिलने के बाद पिता ने इस विषय पर शोध शुरू कर दिया। उनका शोध विषय ‘ज्योतिषशास्त्रदृष्टया वृक्करोगस्य प्रायोगिकमध्ययनम्’ है, जिसका अर्थ है ज्योतिषीय दृष्टिकोण से गुर्दे की बीमारी का प्रायोगिक अध्ययन। उन्होंने बताया कि शोध के दौरान विभिन्न अस्पतालों से किडनी संबंधी बीमारियों से पीड़ित बच्चों का डेटा एकत्र किया जा रहा है।

उनके अनुसार पीजीआई में ऐसे 8 से 10 बच्चे भर्ती हैं, जिनमें किसी की केवल एक किडनी है, किसी की दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं, जबकि कुछ बच्चों की किडनी का आकार सामान्य नहीं है।

जन्मजात बीमारी है डुप्लेक्स किडनी

आईएमएस बीएचयू के यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर समीर त्रिवेदी के मुताबिक डुप्लेक्स किडनी जन्मजात विकार की श्रेणी में आती है। इसमें भ्रूण के विकास के दौरान किडनी का निर्माण सामान्य तरीके से नहीं हो पाता और एक किडनी दो हिस्सों में विभाजित रह जाती है। कई मामलों में किडनी अपनी सामान्य स्थिति से हटकर दूसरी ओर भी चली जाती है।

डुप्लेक्स किडनी के लक्षण

  • बार-बार बुखार आना
  • यूरिन इन्फेक्शन होना
  • पेट या कमर में दर्द
  • पेशाब करने में दिक्कत
  • गंभीर मामलों में बच्चों का शारीरिक विकास प्रभावित होना

क्या है उपचार

विशेषज्ञों के अनुसार यदि डुप्लेक्स किडनी से कोई परेशानी नहीं हो रही हो तो केवल नियमित निगरानी की जाती है। संक्रमण या अन्य जटिलताओं की स्थिति में दवाएं दी जाती हैं, जबकि गंभीर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। इस बच्ची के मामले में रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से समस्या को दूर करने की तैयारी की जा रही है।