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महीनों से इस्तेमाल कर रहे हैं पानी की बोतल? अंदर पनप सकते हैं बैक्टीरिया, रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

 

जिम जाना हो, ऑफिस में काम करना हो या फिर सफर पर निकलना हो, पानी की बोतल आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। ज्यादातर लोग अपनी पसंदीदा बोतल को महीनों, यहां तक कि सालों तक इस्तेमाल करते रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर बोतल की नियमित रूप से सफाई न की जाए, तो उसके अंदर बैक्टीरिया और दूसरे सूक्ष्मजीव पनप सकते हैं? ऐसे में सिर्फ पानी भरना ही नहीं, बल्कि बोतल की साफ-सफाई और उसकी स्थिति पर ध्यान देना भी जरूरी है।

30 बोतलों पर हुई रिसर्च में क्या सामने आया?

साल 2024 में *Journal of Pharmacy and Bioallied Sciences* में प्रकाशित एक अध्ययन में 30 पानी की बोतलों की जांच की गई। इनमें 15 पीईटी प्लास्टिक और 15 स्टेनलेस स्टील की बोतलें शामिल थीं।

अध्ययन के मुताबिक, पीईटी प्लास्टिक की बोतलों में औसतन 68.8 सीएफयू प्रति मिलीलीटर और स्टेनलेस स्टील की बोतलों में 35.4 सीएफयू प्रति मिलीलीटर माइक्रोबियल लोड पाया गया। दोनों समूहों में मानक विचलन क्रमशः 19.1 और 8.2 दर्ज किया गया।

रिसर्च में यह भी सामने आया कि इस्तेमाल के महज तीन घंटे बाद प्लास्टिक की बोतलों में माइक्रोबियल लोड 70 प्रतिशत, जबकि स्टील की बोतलों में 23 प्रतिशत तक बढ़ गया। वहीं, सफाई के बाद यह घटकर औसतन 11.2 सीएफयू प्रति मिलीलीटर रह गया। इसके साथ 2.3 का मानक विचलन दर्ज किया गया।

यहां सीएफयू यानी कॉलोनी फॉर्मिंग यूनिट्स का मतलब उन इकाइयों से है, जिनके आधार पर लैब में विकसित होने वाले सूक्ष्मजीवों की मात्रा का अनुमान लगाया जाता है।

हालांकि, इस अध्ययन में केवल 30 बोतलों की जांच की गई थी। इसलिए इसके नतीजों को सभी तरह की बोतलों और इस्तेमाल की परिस्थितियों पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता। इतना जरूर है कि बोतल की नियमित सफाई को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कितने समय बाद बदलनी चाहिए पानी की बोतल?

पानी की बोतल को कितने दिन या महीनों बाद बदलना चाहिए, इसकी कोई एक तय समय सीमा नहीं है। यह बोतल के मटेरियल, उसकी गुणवत्ता, इस्तेमाल और रखरखाव पर निर्भर करता है।

अगर बोतल में दरार आ गई है, उसका ढक्कन ठीक से बंद नहीं होता या अंदर की सतह पर जंग और टूट-फूट के निशान दिखाई देते हैं, तो उसे बदल देना बेहतर है। प्लास्टिक की बोतल इस्तेमाल करते समय निर्माता के निर्देशों का पालन करना चाहिए। खासकर ऐसी बोतलों को बार-बार इस्तेमाल करने से बचें, जिन्हें केवल एक बार उपयोग के लिए बनाया गया है।

ध्यान रखें कि सिर्फ बोतल पुरानी होने का मतलब यह नहीं है कि उसे तुरंत बदलना जरूरी है। उसकी स्थिति और उसे साफ रखने की क्षमता भी मायने रखती है।

पानी की बोतल साफ करने का सही तरीका

बोतल को साफ रखना मुश्किल नहीं है। बस रोजाना कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

हर बार इस्तेमाल के बाद सफाई करें: पानी और बर्तन धोने वाले साबुन से बोतल को अच्छी तरह धोएं।

ढक्कन और मुंह को न भूलें: बोतल के मुंह, ढक्कन, किनारों और उन हिस्सों की सफाई करें, जहां गंदगी जमा हो सकती है।

ब्रश का इस्तेमाल करें: बोतल के अंदर तक पहुंचने के लिए जरूरत के मुताबिक बोतल साफ करने वाला ब्रश इस्तेमाल करें।

स्ट्रॉ और अलग होने वाले हिस्से धोएं: अगर बोतल में स्ट्रॉ या रबर की सील लगी है, तो उन्हें अलग करके अच्छी तरह साफ करें।

बोतल को पूरी तरह सुखाएं: धोने के बाद बोतल और उसके सभी हिस्सों को सूखने दें। नमी रह जाने से सूक्ष्मजीवों के पनपने की संभावना बढ़ सकती है।

इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

अगर आपकी पानी की बोतल से अजीब बदबू आ रही है, उसके अंदर दाग या परत दिखाई दे रही है या ढक्कन के आसपास गंदगी जमा हो गई है, तो इसे नजरअंदाज न करें। बोतल की अच्छी तरह सफाई करें और देखें कि गंदगी पूरी तरह निकल रही है या नहीं।

अगर सफाई के बाद भी दाग, परत या बदबू बनी रहती है, अथवा बोतल की सतह खराब हो चुकी है, तो उसे बदलना बेहतर है। अपनी पानी की बोतल किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा करने से भी बचें।

छोटी-सी आदत, सेहत के लिए जरूरी

पानी पीने के लिए बोतल का इस्तेमाल करना सुविधाजनक है, लेकिन उसकी साफ-सफाई को नजरअंदाज करना ठीक नहीं। नियमित धुलाई, पूरी तरह सुखाना और बोतल की स्थिति पर नजर रखना आपको बेहतर स्वच्छता बनाए रखने में मदद कर सकता है।

याद रखें, पानी की बोतल को सिर्फ पुरानी होने पर नहीं, बल्कि खराब होने या ठीक से साफ न हो पाने की स्थिति में भी बदलना जरूरी है।