गर्मी में आंखों की नमी हो रही है कम, जानिए कारण और बचाव के आसान उपाय
Varanasi : गर्मियों के मौसम में तेज धूप, गर्म हवाएं, धूल-प्रदूषण और लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम आंखों की सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में आंखों में जलन, चुभन, लालिमा, पानी आना और ड्राईनेस जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। यदि समय रहते इन लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए तो यह गंभीर परेशानी का रूप भी ले सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते तापमान के कारण आंखों की प्राकृतिक नमी तेजी से कम होने लगती है। यही वजह है कि कई लोगों को धूप में निकलते ही या लंबे समय तक एयर-कंडीशनर वाले कमरों में रहने पर आंखों में जलन और असहजता महसूस होती है।
गर्मियों में क्यों बढ़ती है आंखों की समस्या?
आंखों में जलन का सबसे बड़ा कारण ड्राईनेस यानी सूखापन माना जाता है। तेज गर्मी और गर्म हवाएं आंखों की सतह पर मौजूद आंसुओं को जल्दी सुखा देती हैं, जिससे आंखों की नमी कम हो जाती है। इसके अलावा एयर-कंडीशनर वाले कमरों में लंबे समय तक रहने से भी यह समस्या बढ़ सकती है।
धूल, प्रदूषण और वातावरण में मौजूद एलर्जी पैदा करने वाले तत्व भी आंखों में खुजली, लालिमा और जलन का कारण बनते हैं। संवेदनशील लोगों को गर्मियों में यह परेशानी अधिक होती है।
स्क्रीन टाइम भी बढ़ा रहा खतरा
गर्मी से बचने के लिए लोग अधिक समय घर के भीतर मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के सामने बिताते हैं। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की पलकें कम झपकती हैं, जिससे आंखों की नमी कम होने लगती है और ड्राईनेस तथा थकान बढ़ जाती है।
स्विमिंग के दौरान बरतें सावधानी
गर्मियों में स्विमिंग पूल का इस्तेमाल बढ़ जाता है, लेकिन बिना सुरक्षात्मक चश्मे के क्लोरीनयुक्त पानी में तैरना आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे आंखों में जलन, लालिमा और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यदि आंखों में जलन के साथ तेज दर्द, सूजन, लगातार लालिमा, धुंधला दिखाई देना या रोशनी के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता महसूस हो रही हो तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। यह किसी संक्रमण या गंभीर नेत्र रोग का संकेत हो सकता है।
आंखों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये उपाय
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर और आंखों में नमी बनी रहे।
- धूप में निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाले यूवी प्रोटेक्शन सनग्लासेज पहनें।
- डिजिटल स्क्रीन का उपयोग करते समय 20-20-20 नियम अपनाएं। हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखें।
- एयर-कंडीशनर की सीधी हवा से बचें और समय-समय पर आंखों को आराम दें।
- गंदे हाथों से आंखों को छूने या रगड़ने से बचें।
- बाहर से आने के बाद साफ पानी से आंखों और चेहरे को धोएं।
- भोजन में विटामिन-A, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ जैसे हरी सब्जियां, फल, मेवे और बीज शामिल करें।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में आंखों की देखभाल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। छोटी दिखने वाली समस्याएं समय के साथ गंभीर रूप ले सकती हैं। इसलिए आंखों में लगातार जलन, चुभन या लालिमा बनी रहे तो स्वयं उपचार करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।