Rock Salt Benefits: नवरात्रि के व्रत में क्यों खाते है सेंधा नमक, जानिए इसके धार्मिक और सेहत से जुड़े राज
वाराणसी। चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और इन दिनों देशभर में श्रद्धालु माता दुर्गा की भक्ति में लीन हैं। व्रत रखने वाले भक्त नौ दिनों तक या पहले और आखिरी दिन उपवास करते हैं और इस दौरान फलाहार का सेवन करते हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि व्रत के भोजन में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक (Rock Salt) का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों किया जाता है? आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण।
धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है सेंधा नमक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत के दौरान केवल शुद्ध और प्राकृतिक चीजों का ही सेवन करना चाहिए। सेंधा नमक को पूरी तरह से शुद्ध और प्राकृतिक माना जाता है, क्योंकि यह बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के सीधे प्रकृति से प्राप्त होता है।
वहीं, सामान्य नमक कई केमिकल प्रक्रियाओं से गुजरकर तैयार होता है, इसलिए इसे व्रत में उपयोग नहीं किया जाता। सेंधा नमक को पहाड़ी नमक भी कहा जाता है और इसमें किसी प्रकार की मिलावट नहीं होती, यही वजह है कि नवरात्रि जैसे पवित्र अवसरों पर इसका उपयोग किया जाता है।
सेहत के लिए भी फायदेमंद है सेंधा नमक
सेंधा नमक सिर्फ धार्मिक कारणों से ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी लाभकारी माना जाता है।
- यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है।
- शरीर में जरूरी मिनरल्स की पूर्ति करता है।
- इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक होता है।
- व्रत के दौरान शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स संतुलन बनाए रखता है, जिससे ऊर्जा बनी रहती है।
- यह मीठा खाने की इच्छा को कम करने में मदद करता है और वजन नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकता है।
- तनाव कम करने और नींद बेहतर बनाने में भी उपयोगी माना जाता है।
- त्वचा के लिए भी यह लाभकारी साबित हो सकता है।
सावधानी भी जरूरी, ज्यादा सेवन से हो सकते हैं नुकसान
हालांकि सेंधा नमक के कई फायदे हैं, लेकिन इसका अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है।
- लंबे समय तक केवल सेंधा नमक खाने से शरीर में आयोडीन की कमी हो सकती है।
- ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर, थकान और मांसपेशियों में कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।