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  गर्मी में लू से बचाएगा यह आयुर्वेदिक देसी ड्रिंक, सेहत को देगा कई जबरदस्त फायदे  

 

भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए जहां शहरों में लोग एसी, कूलर और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश के बघेलखंड क्षेत्र के ग्रामीण आज भी एक पारंपरिक देसी नुस्खे पर भरोसा करते हैं। यह नुस्खा है अर्जुन की छाल, जिसे वर्षों से गर्मी से बचाव और स्वास्थ्य लाभ के लिए उपयोग किया जाता रहा है।

स्थानीय लोगों और आयुर्वेद जानकारों के अनुसार अर्जुन की छाल की तासीर प्राकृतिक रूप से ठंडी मानी जाती है। गर्मी के मौसम में इसका काढ़ा या अर्क पीने से शरीर को अंदरूनी ठंडक मिलती है और लू के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि आज भी ग्रामीण इलाकों में इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है।

ब्लड प्रेशर और तनाव में भी लाभकारी

औषधीय पौधों के जानकारों का कहना है कि अर्जुन की छाल हृदय स्वास्थ्य के लिए काफी उपयोगी मानी जाती है। इसका सेवन रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। साथ ही यह नसों के तनाव को कम कर मानसिक तनाव और थकान से राहत दिलाने में भी सहायक मानी जाती है।

दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

आयुर्वेद में अर्जुन की छाल का विशेष महत्व बताया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है। इसके अलावा यह मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में भी सहायक मानी जाती है।

कैसे करें सेवन?

अर्जुन की छाल को सुखाकर उसका चूर्ण तैयार किया जा सकता है। इस चूर्ण को चाय की तरह उपयोग किया जा सकता है या फिर छाल को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पिया जा सकता है। बाजार में भी अर्जुन की छाल पाउडर, छाल के टुकड़ों और टैबलेट के रूप में आसानी से उपलब्ध है।

सावधानी भी जरूरी

हालांकि अर्जुन की छाल को आयुर्वेद में लाभकारी माना जाता है, लेकिन किसी भी औषधीय पदार्थ का नियमित सेवन शुरू करने से पहले चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। विशेष रूप से हृदय रोग, ब्लड प्रेशर या अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को बिना सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए अर्जुन की छाल का यह पारंपरिक उपाय आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है।