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जानिए, गंगा एक्सप्रेसवे की 10 खास बातें जो बदल देंगी यूपी का सफर, आसमान से भी होगी लैंडिंग!

गंगा एक्सप्रेसवे 29 अप्रैल को शुरू होगा, जिससे मेरठ से प्रयागराज का सफर आधा हो जाएगा। 593 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे पर फाइटर जेट लैंडिंग, हाईटेक टोल सिस्टम और ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। जानिए इसकी 10 बड़ी खासियतें और इससे होने वाले फायदे।

 

Ganga Expressway Features: उत्तर प्रदेश में विकसित 593.947 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। यह एक्सेस कंट्रोल्ड सिक्स लेन मार्ग पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे जोड़ते हुए आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। करीब 37 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना यह प्रोजेक्ट राज्य की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने वाला माना जा रहा है।

मेरठ से प्रयागराज तक का सफर होगा आधा

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक का सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा। जहां पहले यह दूरी तय करने में 12 से 14 घंटे लगते थे, वहीं अब यह यात्रा महज 6 से 7 घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी बड़ी बचत होगी।

6 लेन से 8 लेन तक बढ़ाने की सुविधा

गंगा एक्सप्रेसवे को फिलहाल 6 लेन में विकसित किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8 लेन तक विस्तारित करने की पूरी तैयारी रखी गई है। इसकी पूरी संरचना इसी हिसाब से डिजाइन की गई है, जिससे ट्रैफिक बढ़ने पर आसानी से विस्तार किया जा सके।

फाइटर जेट भी कर सकेंगे लैंडिंग

इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियतों में से एक यह है कि यहां फाइटर जेट और मालवाहक विमान भी लैंड कर सकेंगे। शाहजहांपुर जिले में करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबा एयरस्ट्रिप बनाया गया है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकेंगे।

हाईटेक टोल सिस्टम और तेज सफर

एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जहां फास्टैग स्कैन होते ही बैरियर महज 1 से 1.5 सेकंड में खुल जाएगा। इससे वाहनों को बिना रुके सफर करने में मदद मिलेगी और लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

टोल दर और खर्च का अनुमान

कार और हल्के वाहनों के लिए टोल दर करीब 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। इस हिसाब से मेरठ से प्रयागराज तक का सफर करने पर लगभग 1515 रुपये का टोल देना होगा।

12 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 जिलों को जोड़ता है। इससे इन क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।

यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं

एक्सप्रेसवे पर नौ बड़े सुविधा केंद्र विकसित किए गए हैं, जहां पेट्रोल पंप, सीएनजी स्टेशन और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही यात्रियों को आराम और भोजन की भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

दुर्घटना में तुरंत मिलेगा इलाज

यह देश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे होगा, जहां दुर्घटना होने पर तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था की गई है। इसके लिए निजी अस्पतालों से भी समझौता किया गया है, ताकि आपात स्थिति में जान बचाई जा सके।

डिजिटल ट्रैकिंग और सुरक्षा व्यवस्था

एक्सप्रेसवे पर वाहनों की एंट्री और एग्जिट पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से रिकॉर्ड की जाएगी। इससे यात्रा की दूरी और समय का सटीक हिसाब रखा जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।