वंदे मातरम् के 150 साल : संसद में हुई विशेष चर्चा, PM मोदी ने कांग्रेस पर लगाया ये आरोप
New Delhi : संसद के शीतकालीन सत्र में वंदे मातरम के 150 वर्ष पर 10 घंटे की विशेष चर्चा होगी, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे। मोदी ने कांग्रेस पर 1937 में गीत के मूल स्वरूप में बदलाव का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने इसे टैगोर की सलाह पर तैयार CWC के निर्णय का अपमान बताया।
New Delhi : भारत के राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संसद के शीतकालीन सत्र में इस सप्ताह विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। लोकसभा में इस पर 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाग लेंगे। लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार ने वंदे मातरम को प्राथमिकता दी, जबकि कांग्रेस ने एसआईआर और चुनावी सुधारों पर बहस की मांग की। टीएमसी ने वंदे मातरम पर विशेष चर्चा का समर्थन किया है।
पीएम मोदी का आरोप
7 नवंबर को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में, जहाँ वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया गया, प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राष्ट्रगीत के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ की थी। उन्होंने कहा कि 1937 में नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने मूल गीत से महत्वपूर्ण पद हटा दिए थे और इसे टुकड़ों में बाँट दिया गया, जिससे विभाजन के बीज बोए गए।
कांग्रेस का जवाब
पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 1937 की कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) और रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान किया। रमेश ने बताया कि 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 1937 तक कोलकाता में हुई CWC की बैठक में गांधीजी, नेहरू, पटेल, बोस, राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आजाद, सरोजिनी नायडू, जे.बी. कृपलानी, भुलाभाई देसाई, जमनालाल बजाज और नरेंद्र देव समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। 28 अक्टूबर 1937 को वंदे मातरम पर CWC का बयान टैगोर की सलाह से तैयार किया गया था।
इतिहास
भारत का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था। यह गीत 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित हुआ और बाद में उनके उपन्यास आनंदमठ में शामिल किया गया। उपन्यास संन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित था, जो बंगाल प्रेसीडेंसी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ चल रहा था।