1 जुलाई से बदल जाएंगे 5 बड़े नियम! ITR, पासपोर्ट, आधार और बैंकिंग सेवाओं पर सीधा असर
1 जुलाई 2026 से कई बड़े वित्तीय बदलाव लागू हो रहे हैं। ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख, पासपोर्ट फीस में बढ़ोतरी, आधार ईमेल अपडेट, RBI के नए बैंकिंग नियम और SBI क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स में बदलाव सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की वित्तीय सेवाओं को प्रभावित करेंगे।
Financial Changes July 2026: नया महीना शुरू होने के साथ ही देशभर में कई अहम वित्तीय नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर करोड़ों लोगों की जेब और रोजमर्रा की वित्तीय सेवाओं पर पड़ेगा। यदि आप आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं, नया पासपोर्ट बनवाना चाहते हैं, आधार अपडेट कराने वाले हैं या SBI के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो 1 जुलाई से लागू होने वाले इन बदलावों की जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।
ITR दाखिल करने की डेडलाइन पर रखें नजर
जुलाई का महीना आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहने वाला है। वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित है।
यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं किया गया तो लेट फीस, जुर्माना और अन्य कर संबंधी लाभों पर असर पड़ सकता है। साथ ही कुछ मामलों में करदाताओं को भविष्य में होने वाले नुकसान (Loss Carry Forward) का लाभ भी नहीं मिल पाएगा।
1 जुलाई से महंगा होगा पासपोर्ट बनवाना
विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों को अब ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। विदेश मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट सेवाओं की नई शुल्क सूची लागू करने का फैसला किया है।
नई दरों के अनुसार 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट या उसके री-इश्यू की फीस बढ़ाकर ₹2,500 कर दी गई है। वहीं इसी श्रेणी के तत्काल (Tatkaal) पासपोर्ट के लिए अब ₹5,000 चुकाने होंगे।
60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क ₹3,500 और तत्काल सेवा शुल्क ₹6,000 निर्धारित किया गया है। नई दरें नए आवेदन, री-इश्यू और अन्य पासपोर्ट सेवाओं पर लागू होंगी।
आधार में ईमेल अपडेट करना होगा मुफ्त
आधार कार्ड धारकों के लिए राहत की खबर भी है। 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक UIDAI ने आधार मोबाइल एप के माध्यम से पंजीकृत ईमेल आईडी अपडेट करने पर लगने वाला ₹75 शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया है।
सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को अपने आधार रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
बैंकों की गलत बिक्री पर RBI के नए नियम
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी 1 जुलाई से एक नया उपभोक्ता सुरक्षा ढांचा लागू करने जा रहा है। यदि कोई बैंक या वित्तीय संस्था ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुरूप न होने वाले वित्तीय उत्पाद गलत तरीके से बेचती है (Mis-selling), तो ऐसे मामलों में ग्राहक को पूरी रकम वापस मिलने के साथ-साथ नुकसान की भरपाई भी की जा सकेगी।
RBI का मानना है कि नए नियम बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाएंगे और ग्राहकों के हितों की बेहतर सुरक्षा करेंगे।
SBI क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए बदलेगा रिवॉर्ड सिस्टम
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI Card) ने अपने कुछ PhonePe SBI क्रेडिट कार्ड्स के रिवॉर्ड प्वाइंट कार्यक्रम में बदलाव किया है। यह बदलाव PhonePe SBI Credit Card PURPLE और PhonePe SBI Credit Card SELECT BLACK पर लागू होगा।
नई व्यवस्था के तहत रिवॉर्ड प्वाइंट अर्जित करने की सीमा में बदलाव किया गया है। साथ ही कुछ ट्रांजैक्शन कैटेगरी को रिवॉर्ड प्वाइंट के दायरे से बाहर कर दिया गया है। ऐसे में इन कार्ड्स का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को नई शर्तों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
क्यों जरूरी हैं ये बदलाव?
विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई से लागू होने वाले ये बदलाव सीधे आम लोगों की वित्तीय योजनाओं को प्रभावित करेंगे। जहां एक ओर ITR की समयसीमा को लेकर सतर्क रहना जरूरी है, वहीं पासपोर्ट फीस में बढ़ोतरी और बैंकिंग नियमों में बदलाव भी लोगों की जेब पर असर डालेंगे। दूसरी ओर आधार अपडेट को मुफ्त किए जाने और RBI के नए उपभोक्ता सुरक्षा नियम ग्राहकों के लिए राहत लेकर आए हैं।
यदि आप इन सेवाओं का उपयोग करते हैं, तो 1 जुलाई से पहले और बाद में लागू होने वाले नए नियमों की जानकारी रखना आपके लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है।