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अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्स में 50% आरक्षण, उम्र सीमा समेत कई बड़ी छूट का ऐलान
 

 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) एवं राइफलमैन के पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया है। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को लोकसभा में इसकी जानकारी दी।

लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि सरकार ने इन पदों पर भर्ती के लिए 'पूर्व-अग्निवीर' नाम से एक नई श्रेणी बनाई है। इस श्रेणी के तहत कुल रिक्तियों में 50 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे।

उम्र सीमा में मिलेगी विशेष छूट

सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में भी राहत दी है। सभी पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलेगी। वहीं, अग्निवीर योजना के पहले बैच के उम्मीदवारों को पांच वर्ष तक की अतिरिक्त आयु छूट प्रदान की जाएगी।

भर्ती प्रक्रिया में भी बड़ी राहत

गृह राज्य मंत्री ने बताया कि पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में भी विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन पदों के लिए आवेदन करने वाले पूर्व अग्निवीरों को फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST), फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) और लिखित परीक्षा से छूट दी जाएगी।

'पूर्व-अग्निवीर विंग' का गठन

नित्यानंद राय ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास और उनके करियर को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय के तहत एक विशेष 'पूर्व-अग्निवीर विंग' का गठन किया गया है। यह विंग उनकी भर्ती और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं में समन्वय का कार्य करेगा।

भर्ती नियमों में किया गया संशोधन

गृह मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में अधिसूचना जारी कर बीएसएफ जनरल ड्यूटी कैडर (नॉन-गजेटेड) भर्ती नियम, 2015 में संशोधन किया था। इसके तहत कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया।

अधिसूचना के अनुसार, प्रत्येक भर्ती वर्ष में सीधी भर्ती के तहत 50 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगे। इसके अलावा पूर्व सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत तथा कॉम्बैटाइज्ड कॉन्स्टेबल (ट्रेड्समैन) के लिए 3 प्रतिशत पद आरक्षित रखने का भी प्रावधान किया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले सीआरपीएफ ने भी मई 2025 में अपने भर्ती नियमों में इसी प्रकार का संशोधन किया था।