62 साल पुराना नेहरू का रिकॉर्ड टूटा: 12 साल, 3 कार्यकाल, PM मोदी बने सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग आज त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा। मतदाताओं को पहली बार 9 अंकों का नया स्टेट वोटर नंबर मिलेगा। जानिए सूची में क्या बदलाव हुए और चुनाव पर इसका क्या असर पड़ेगा।
Longest Serving Elected PM: भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 9 जून 2026 का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का 62 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल कर लिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 और 2024 में लगातार चुनावी जीत के साथ उन्होंने सत्ता में वापसी की। 9 जून 2024 को तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर अब 4399 दिन पूरे हो चुके हैं। इसी के साथ उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के 4398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
62 साल बाद टूटा नेहरू का रिकॉर्ड
भारत में पहला आम चुनाव वर्ष 1951-52 में हुआ था। चुनाव के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू मई 1952 में स्वतंत्र भारत के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने थे। वे 27 मई 1964 तक लगातार इस पद पर बने रहे और निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में 4398 दिनों तक देश का नेतृत्व किया।
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया है। वे देश के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर बने रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
देशभर में जश्न, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना
प्रधानमंत्री मोदी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लेकर भारतीय जनता पार्टी और NDA के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। देश के विभिन्न राज्यों में धार्मिक कार्यक्रमों और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है।
दिल्ली सहित कई शहरों में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए हैं। भाजपा नेताओं ने इसे भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताया है।
साधारण परिवार से देश के सर्वोच्च पद तक का सफर
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक जीवन भारतीय राजनीति की सबसे प्रेरणादायक यात्राओं में गिना जाता है। एक साधारण परिवार में जन्मे मोदी के पिता रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे। सीमित संसाधनों के बीच जीवन की शुरुआत करने वाले मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।
इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालीं और धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल के बाद 2014 में वे देश के प्रधानमंत्री बने।
आज होगी कैबिनेट बैठक, पीएम मोदी का होगा सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है। सूत्रों के अनुसार बैठक में विभिन्न नीतिगत विषयों के साथ-साथ केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर भी चर्चा होगी।
बताया जा रहा है कि कैबिनेट बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का विशेष सम्मान भी किया जाएगा। भाजपा इसे सरकार की उपलब्धियों और नेतृत्व क्षमता के प्रतीक के रूप में देख रही है।
भारत मंडपम में NDA की बड़ी बैठक
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की जा रही है।
इस बैठक में NDA शासित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और गठबंधन दलों के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार लगभग 35 सहयोगी दलों के 75 से अधिक शीर्ष नेता कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, केंद्र सरकार की उपलब्धियों और आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
भारतीय राजनीति में नया अध्याय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं बल्कि भारतीय राजनीति में लंबे समय तक जनसमर्थन बनाए रखने की मिसाल भी है। लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर सत्ता में वापसी करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी पहले ही इतिहास रच चुके हैं। अब जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़कर उन्होंने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अपना नाम एक नए स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज करा दिया है।