अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी पड़ी भारी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ मामला दर्ज
लेह। लद्दाख पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ जीरो-एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई फेसबुक पर प्रसारित एक वीडियो के संबंध में मिली शिकायत के आधार पर की गई।
अधिकारियों के अनुसार, लेह थाने में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर योगेश परमार ने फेसबुक पर साझा किए गए एक वीडियो में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक, अपमानजनक और घृणास्पद टिप्पणियां कीं।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 197(1)(डी), 352 और 353(1) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत अपराध की प्रकृति के अनुसार दो से तीन वर्ष तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वीडियो की सामग्री लोगों के बीच नाराजगी और वैमनस्य बढ़ाने के साथ-साथ सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे संज्ञेय अपराध की श्रेणी में माना है।
हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कथित घटना का क्षेत्राधिकार कर्नाटक के मैसूरु शहर स्थित देवराजा थाना है। इसलिए लेह पुलिस ने प्रक्रिया के तहत जीरो-एफआईआर दर्ज कर मामला आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित थाने को भेज दिया है।
क्या होती है जीरो-एफआईआर?
जीरो-एफआईआर ऐसी प्राथमिकी होती है जिसे किसी भी पुलिस थाने में, घटना के क्षेत्राधिकार की परवाह किए बिना दर्ज किया जा सकता है। इसके बाद संबंधित क्षेत्र के पुलिस थाने को जांच के लिए मामला स्थानांतरित कर दिया जाता है।