आधार कार्ड में नाम बदलना अब आसान नहीं, UIDAI ने बदले नियम, जानें नया प्रोसेस
आधार कार्ड में नाम बदलने या सुधारने की प्रक्रिया में UIDAI ने बदलाव किया है। नए SOP के तहत नाम में बदलाव को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। मामूली सुधार, शादी या तलाक के बाद बदलाव, ऑपरेटर की गलती और पूरा नाम बदलने के लिए अलग-अलग दस्तावेज और प्रक्रिया तय की गई है।
Aadhaar Card Name Change: आधार कार्ड में नाम बदलने या नाम में सुधार कराने वालों के लिए प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने नाम अपडेट से जुड़े नए Standard Operating Procedure (SOP) लागू किए हैं। नए नियमों के तहत अब नाम में बदलाव की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग दस्तावेज और प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पहले आधार में नाम समेत कुछ जानकारियों को ऑनलाइन माध्यम से अपडेट करने की सुविधा उपलब्ध थी। अब नाम में बदलाव के मामलों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। इसके अनुसार मामूली नाम सुधार, शादी या तलाक के बाद नाम में बदलाव, ऑपरेटर की गलती से हुए सुधार और पूरा नाम बदलने के लिए अलग-अलग दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं।
चार कैटेगरी में बांटी गई नाम बदलने की प्रक्रिया
UIDAI के नए SOP के तहत आधार में नाम बदलने के मामलों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में रखा गया है। आवेदक को अपने मामले के अनुसार जरूरी दस्तावेज और निर्धारित एफिडेविट जमा करना होगा।
1. मामूली नाम सुधार
अगर नाम में छोटी-मोटी स्पेलिंग की गलती है या नाम में किसी शब्द को जोड़ना या हटाना है, तो इसे मामूली नाम बदलाव की श्रेणी में रखा गया है। इसमें नाम के आगे या पीछे शब्द बदलना, initials का विस्तार करना अथवा middle name या last name जोड़ना-हटाना शामिल हो सकता है।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति का नाम आधार में पार्थ पांडे दर्ज है और वह इसे पार्थ कुमार पांडे करवाना चाहता है, तो यह इसी श्रेणी में आएगा।
2. शादी या तलाक के बाद नाम में बदलाव
शादी के बाद सरनेम बदलने या तलाक के बाद नाम में बदलाव करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसके लिए Annexure D में निर्धारित एफिडेविट और पहचान संबंधी दस्तावेज देने होंगे।
एफिडेविट में यह स्पष्ट करना होगा कि नाम में बदलाव शादी या तलाक की वजह से किया जा रहा है।
3. ऑपरेटर की गलती से गलत नाम दर्ज होने पर सुधार
कई बार आधार बनवाते समय आवेदक सही जानकारी देता है, लेकिन डेटा एंट्री के दौरान ऑपरेटर की गलती से नाम में स्पेलिंग या दूसरी गलती हो जाती है। ऐसे मामलों के लिए अलग प्रक्रिया तय की गई है।
वयस्क आवेदक को Annexure B के तहत एफिडेविट के साथ पहचान या संबंध का प्रमाण (PoI/PoR) देना होगा। वहीं नाबालिग के मामले में Annexure C का एफिडेविट और संबंधित दस्तावेज जरूरी होंगे।
4. पूरा नाम बदलने के लिए गजट जरूरी
अगर कोई व्यक्ति अपने मौजूदा नाम को पूरी तरह बदलना चाहता है, तो इसके लिए प्रक्रिया और सख्त है। पूरे नाम में बदलाव के लिए सरकारी गजट में प्रकाशित नाम परिवर्तन की अधिसूचना देना जरूरी होगा।
यानी केवल आधार केंद्र पर आवेदन करने से पूरा नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। आवेदक को निर्धारित सरकारी दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
आधार में नाम बदलने के लिए क्या करना होगा?
सबसे पहले यह तय करना होगा कि आपका मामला किस श्रेणी में आता है। इसके बाद संबंधित श्रेणी के अनुसार जरूरी एफिडेविट और दस्तावेज तैयार करने होंगे।
दस्तावेज तैयार होने के बाद आवेदक को नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर नाम अपडेट के लिए आवेदन करना होगा। केंद्र पर दस्तावेजों का सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
आवेदन जमा होने के बाद आवेदक को एक रसीद दी जाएगी। इसमें दिए गए URN नंबर की मदद से आवेदन का स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।
ध्यान रखें ये जरूरी बात
आधार में नाम बदलने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपके पास संबंधित श्रेणी के सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हों। मामूली नाम सुधार और पूरा नाम बदलने के मामलों में दस्तावेजों की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले UIDAI की मौजूदा गाइडलाइन के अनुसार दस्तावेजों की जांच कर लेना बेहतर है।