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फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में टर्बुलेंस से 17 घायल, एक पायलट के डोप टेस्ट पर सवाल, Air India ने क्या कहा?

फुकेत-दिल्ली Air India फ्लाइट AI2379 में तेज टर्बुलेंस से 17 लोग घायल हुए थे। अब एक पायलट के डोप टेस्ट में पॉजिटिव आने का दावा सामने आया है। हालांकि एयर इंडिया ने कहा कि उसे टेस्ट रिपोर्ट नहीं मिली है। DGCA मामले की जांच कर रहा है और फिलहाल दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
 

Air India Flight Turbulence: थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में टर्बुलेंस के दौरान 17 लोगों के घायल होने के मामले में नया दावा सामने आया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि विमान के दो पायलटों में से एक का डोप टेस्ट पॉजिटिव आया है। हालांकि, एयर इंडिया ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। एयरलाइन का कहना है कि उसे अब तक डोप टेस्ट की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई है।

एयर इंडिया के मुताबिक, पायलटों का फ्लाइट के बाद निर्धारित नियमों के तहत स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया था, लेकिन उसके नतीजे एयरलाइन के साथ साझा नहीं किए गए हैं। ऐसे में फिलहाल कंपनी किसी भी टेस्ट रिजल्ट पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है।

डोप टेस्ट की रिपोर्ट नहीं मिली: एयर इंडिया

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि एयरलाइन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने क्रू सदस्यों का नियमित ड्रग टेस्ट कराती है। प्रवक्ता के अनुसार, संबंधित फ्लाइट के बाद नियमों के तहत पायलटों की स्क्रीनिंग की गई थी, लेकिन टेस्ट के नतीजे अभी एयर इंडिया को नहीं मिले हैं।

एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि क्रू सदस्यों का ड्रग टेस्ट किसी एक फ्लाइट या ऑपरेशनल घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि सिविल एविएशन नियमों के तहत नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। कंपनी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह संबंधित अधिकारियों के साथ जांच में सहयोग करती रहेगी।

टर्बुलेंस के दौरान करीब 300 फीट नीचे आया था विमान

यह मामला 4 अगस्त का है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान विमान करीब चार से पांच मिनट तक तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गया। इस दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट की कमी आई। तेज झटकों के कारण विमान में सवार कम से कम 17 लोग घायल हो गए। घायलों में चार केबिन क्रू सदस्य भी शामिल थे। फ्लाइट में कुल 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।

चार केबिन क्रू सदस्यों को भी लगी चोट

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू के मुताबिक, टर्बुलेंस के दौरान घायल हुए केबिन क्रू सदस्यों को रीढ़ और गर्दन में चोटें आई थीं। घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई गई। एयर इंडिया के क्रू ने टर्बुलेंस के बाद यात्रियों की स्थिति संभालने और उन्हें आवश्यक मदद देने का काम जारी रखा।

रिपोर्ट पॉजिटिव निकली तो क्या होगी कार्रवाई?

जांच के दौरान सामने आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि दोनों पायलटों में से एक का साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच के लिए किया गया डोप टेस्ट पॉजिटिव आया है। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एयर इंडिया के पास टेस्ट रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि टेस्ट का वास्तविक परिणाम क्या रहा। यदि जांच रिपोर्ट में किसी पायलट के डोप टेस्ट में पॉजिटिव होने की पुष्टि होती है, तो उसके बाद संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई का सवाल उठेगा।

इसलिए फिलहाल पायलट के डोप टेस्ट को लेकर सामने आई जानकारी को दावे के रूप में ही देखा जा रहा है, न कि स्थापित तथ्य के तौर पर।

टर्बुलेंस के दौरान क्रू की मदद की मंत्री ने की तारीफ

नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने घटना के दौरान यात्रियों की मदद करने वाले एयर इंडिया के क्रू सदस्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विमान को अभी करीब एक घंटे और उड़ान भरनी थी, इसके बावजूद क्रू ने मुश्किल परिस्थिति में यात्रियों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई।

मंत्री ने क्रू के इस रवैये को मुश्किल हालात में उनके साहस और जिम्मेदारी का उदाहरण बताया। वहीं, घटना की जांच के बीच अब डोप टेस्ट को लेकर सामने आए दावे ने मामले में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है।