आकाश आनंद के ‘अंकल’ वाले बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार, बोले- मुद्दा अंकल का नहीं है
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हाथरस में आयोजित चुनावी सभा के दौरान बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को ‘अंकल’ कहे जाने पर अब अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिलेश यादव ने इस बयान को लेकर ज्यादा तूल देने से इनकार करते हुए कहा कि असली मुद्दा ‘अंकल’ नहीं, बल्कि जनता से जुड़े सवाल हैं।
अखिलेश यादव ने कहा, “उस बहस में हम और आप न उलझें, मुद्दा अंकल का नहीं है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा, परीक्षा और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। उनके मुताबिक, जिन मुद्दों पर अब चर्चा की बात कही जा रही है, उन्हें एक सप्ताह पहले भी उठाया जा सकता था।
सपा प्रमुख ने कहा कि शिक्षा और परीक्षा का मुद्दा राम मंदिर से भी जुड़ा हुआ है, इसलिए दोनों विषयों पर गंभीर चर्चा जरूरी है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सदन में चर्चा होती तो भगवान राम का नाम भी लिया जाता, लेकिन भाजपा के लोग सदन में राम जी का नाम नहीं लेना चाहते।
‘बातचीत ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता’
झारखंड के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री की ओर से छात्रों से बातचीत के लिए तैयार होने की बात कही गई है, इसलिए बातचीत लगातार जारी रहनी चाहिए।
धर्मेंद्र यादव ने भी सरकार पर साधा निशाना
इस दौरान सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि मंडी में कथित चंदा चोरी, छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा, आरक्षण और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सदन में चर्चा हो।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि “मुद्दा अंकल नहीं है।” उनका आरोप है कि सरकार के पास इन मुद्दों का जवाब नहीं है, इसलिए चर्चा से बच रही है। उन्होंने कहा कि 14-15 दिन बेकार चले गए और सरकार चाहती तो इन विषयों पर पहले ही चर्चा कर सकती थी। उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर भी सदन में चर्चा कराने की मांग की।