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'क्या मैं मर गई हूं?' बागियों पर बरसीं ममता बनर्जी, खुद संभालेंगी TMC प्रदेश अध्यक्ष की कमान

 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद पार्टी में जारी अंदरूनी कलह के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा फैसला लिया है। शनिवार को फेसबुक लाइव के जरिए उन्होंने ऐलान किया कि अब वह खुद पश्चिम बंगाल प्रदेश तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगी।

ममता बनर्जी ने कहा कि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी अस्वस्थ हैं, इसलिए अब पार्टी संगठन की कमान वह स्वयं संभालेंगी। इसके साथ ही उन्होंने विधायक कुणाल घोष और पूर्व मंत्री मदन मित्रा को पार्टी का महासचिव नियुक्त करने की भी घोषणा की।

'क्या मैं मर गई हूं?'

पार्टी में असली TMC को लेकर चल रहे विवाद पर ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "आप क्या सोचते हैं, क्या मैं मर गई हूं?" उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह मान रहे हैं कि पार्टी का चुनाव चिन्ह उनसे छिन जाएगा, लेकिन जनता के बीच उनकी पहचान किसी चुनाव चिन्ह की मोहताज नहीं है।

उन्होंने कहा, "मान लीजिए चुनाव चिन्ह किसी और को मिल भी जाए, लेकिन जब मैं उसी जनता के बीच जाऊंगी तो क्या मेरी आवाज़ को कोई रोक पाएगा?"

21 जुलाई को हर हाल में होगी शहीद दिवस रैली

ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि 21 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस सभा हर हाल में आयोजित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अगस्त तक कोलकाता में रैलियों की अनुमति नहीं दे रही है।

उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो रिक्शे पर खड़े होकर भी सभा को संबोधित करेंगी।

बागियों पर साधा निशाना

पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर हमला बोलते हुए ममता ने कहा कि जो लोग उनके हस्ताक्षर वाले चुनाव चिन्ह पर जीतकर आए, वही अब पार्टी के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, "बेईमानी की भी एक सीमा होती है। अगर किसी में हिम्मत है और वह बीजेपी की विचारधारा से सहमत है तो खुलकर बीजेपी में शामिल हो जाए।"

पार्टी कार्यालय विवाद पर भी दी सफाई

पार्टी कार्यालय पर कब्जे के आरोपों पर ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल भवन किसी व्यक्ति की नहीं बल्कि संगठन और जनता की संपत्ति है। उन्होंने दावा किया कि भवन का किराया नियमित रूप से दिया गया है और इसके सभी दस्तावेज पार्टी के पास मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि मकानों पर कब्जा किया जा सकता है, लेकिन लोगों के दिलों पर नहीं।

चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे पर भी बोलीं

चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे को लेकर ममता ने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया। उनके मुताबिक, यह काफी समय से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा था और उनके बेटे के पहले ही विरोधी खेमे में जाने के बाद इसकी संभावना बन गई थी।

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस किसी एक या दो नेताओं पर नहीं, बल्कि लाखों कार्यकर्ताओं और 'मां, माटी, मानुष' की ताकत पर खड़ी है।