मिडिल ईस्ट तनाव के बीच पेट्रोल-LPG को लेकर भारत सरकार का बड़ा बयान,की ये अपील
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति के बीच भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों से घबराहट में खरीदारी (पैनिक बायिंग) न करने की अपील की है।
सरकार का भरोसा: पर्याप्त है ईंधन सप्लाई
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय हालात, जैसे अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े मुद्दों के बावजूद भारत में पेट्रोलियम उत्पादों और कुकिंग गैस की सप्लाई पूरी तरह सुचारू है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
सप्लाई बनाए रखने के लिए उठाए गए कदम
सरकार ने ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया गया है
एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई को प्राथमिकता दी गई है
घरेलू, अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं के लिए गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है
एलपीजी रिफिलिंग के बीच अंतराल को भी नियंत्रित किया जा रहा है
इन उपायों का मकसद बढ़ती मांग के बीच सप्लाई को संतुलित बनाए रखना है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
सरकार ने साफ किया है कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जा रहा है।
अब तक: 3,700 से ज्यादा छापे मारे गए
1,000 से अधिक नोटिस एलपीजी डीलरों को जारी किए गए
27 डीलरों को निलंबित किया गया
यह कार्रवाई बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर लगाम लगाने के लिए की जा रही है।
रिकॉर्ड स्तर पर गैस वितरण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में एक दिन में करीब 51 लाख LPG सिलेंडर वितरित किए गए। इसमें लगभग 95% बुकिंग ऑनलाइन के जरिए हुई, जो सिस्टम की मजबूती को दर्शाता है।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद देश में कहीं भी एलपीजी की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है।
लोगों से अपील
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें, ऊर्जा की बचत करें और अफवाहों से दूर रहें।