अंकिता भंडारी हत्याकांड: इंडिया गेट पर प्रदर्शन के बाद माता-पिता रिहा, सरकार को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर विरोध तेज हो गया है। दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता को पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब पांच बजे रिहा कर दिया। इससे पहले पुलिस ने उन्हें और उनके साथ प्रदर्शन कर रहे कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया था। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता से मुलाकात कर उनके प्रति एकजुटता जताई।
अंकिता के माता-पिता की मांग है कि दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले को रद्द किया जाए। उनका कहना है कि कथित VIP से जुड़े मामले की जांच पूरी होने और उससे जुड़े सवालों का जवाब मिलने तक यह नियुक्ति नहीं होनी चाहिए।
नियुक्ति रद्द होने तक जारी रहेगा विरोध
अंकिता की मां ने साफ कहा कि जब तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति रद्द नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें सार्वजनिक स्थान पर धरने पर बैठने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो वे अपने घर में ही भूख हड़ताल करेंगी।
वहीं, अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए नियुक्ति रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो देशभर के लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर सकते हैं। उन्होंने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने की बात भी कही।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में 19 वर्षीय अंकिता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया और तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
हत्याकांड के बाद से ही मामले में एक कथित VIP की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आरोप लगाया गया था कि अंकिता पर रिजॉर्ट में ठहरे एक VIP को विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया गया था और उन्होंने इसका विरोध किया था। हालांकि, इस कथित VIP की पहचान और मामले में उसकी भूमिका को लेकर उठे सवाल अलग से जांच और कानूनी प्रक्रिया का विषय रहे हैं।
2025 में फिर चर्चा में आया कथित VIP का मुद्दा
दिसंबर 2025 में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर से जुड़ी कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग तथा सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आया। इन दावों में भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी जोड़ा गया।
दुष्यंत गौतम ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताया और कानूनी कार्रवाई की। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी उनसे संबंधित कुछ सामग्री के प्रसार पर अंतरिम रोक लगाई थी। ऐसे में सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं है।
कथित VIP की पहचान और भूमिका की जांच को लेकर CBI जांच की सिफारिश किए जाने का मुद्दा भी चर्चा में रहा है।
राज्यपाल नियुक्ति के बाद फिर तेज हुआ विरोध
अक्टूबर 2026 में दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता के माता-पिता ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए नियुक्ति रद्द करने की मांग तेज कर दी। उनका कहना है कि कथित VIP से जुड़े सवालों की जांच पूरी होने तक इस नियुक्ति को रद्द किया जाना चाहिए।
इसी मांग को लेकर उन्होंने दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया। अब माता-पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड, कथित VIP की भूमिका और न्याय की मांग को लेकर बहस तेज हो गई है।