छात्रों पर लाठीचार्ज से आहत अन्ना हजारे, पीएम मोदी को लिखा पत्र, कल करेंगे मौन आंदोलन
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे भी खुलकर सामने आ गए हैं। दिल्ली में 20 जुलाई को CJP के "संसद चलो मार्च" के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।
अन्ना हजारे ने घोषणा की है कि वह 21 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित वाडिया पार्क के गांधी स्मारक पर दो घंटे का मौन आंदोलन करेंगे। इस आयोजन स्थल को प्रतीकात्मक रूप से "नगर का जंतर-मंतर" नाम दिया जाएगा।
'दमन नहीं, संवाद होना चाहिए'
अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को बल प्रयोग से दबाने के बजाय सरकार को छात्रों के साथ संवाद करना चाहिए। उनका कहना है कि पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी जैसे मुद्दे युवाओं की गंभीर चिंता हैं, इसलिए इन्हें केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि जनभावना से जुड़ा मुद्दा मानकर समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा संवाद और शांतिपूर्ण तरीकों से ही संभव है।
CJP ने रखी अपनी शर्तें
उधर, जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दूसरी बार बातचीत के लिए बुलाया है, लेकिन पार्टी तभी वार्ता करेगी जब सरकार उनकी मांगों को मानने की स्पष्ट सहमति दे।
सौरव दास ने कहा कि पिछली बैठक में प्रतिनिधिमंडल को करीब चार घंटे तक इंतजार कराया गया था, इसलिए इस बार उन्होंने साफ कर दिया है कि केवल औपचारिक बातचीत के लिए वे नहीं जाएंगे। उनका कहना है कि सरकार पहले मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाए, तभी वार्ता होगी।
फिलहाल छात्र आंदोलन, सरकार की प्रतिक्रिया और अन्ना हजारे के मौन आंदोलन को लेकर देशभर की नजरें इन घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं।