{"vars":{"id": "130921:5012"}}

शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में यूपी से एक और गिरफ्तारी, CBI ने मुख्य शूटर को मुजफ्फरनगर से दबोचा

 
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार को यूपी के बलिया निवासी राजकुमार सिंह को मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी उसे इस हत्याकांड का मुख्य शूटर मान रही है।

इससे पहले 10 मई को इसी मामले में बलिया निवासी राज सिंह को अयोध्या से गिरफ्तार किया गया था।

चुनाव नतीजों के दो दिन बाद हुई थी हत्या

42 वर्षीय चंद्रनाथ रथ की 6 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के महज दो दिन बाद हुए इस हमले में हमलावरों ने उनकी कार रुकवाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। चंद्रनाथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी गई थी।

टोल प्लाजा के पास बिछाया गया जाल

CBI को पहले से ही राजकुमार सिंह की गतिविधियों की जानकारी मिल चुकी थी। एजेंसी को सूचना मिली थी कि वह हरिद्वार से लौट रहा है। इसके बाद CBI टीम ने Chhapar Toll Plaza के पास जाल बिछाया। सोमवार तड़के जैसे ही राजकुमार की गाड़ी टोल प्लाजा पहुंची, टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे कई घंटे तक पूछताछ की गई।

कोर्ट से मिला 24 घंटे का रिमांड

CBI के अधिकारी राजेश कुमार ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से एजेंसी को 24 घंटे की रिमांड मिली। अब उससे हत्या की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। साथ ही पहले गिरफ्तार आरोपी राज सिंह से उसके संबंधों की भी जांच हो रही है।

कौन है राजकुमार सिंह?

राजकुमार सिंह यूपी के Ballia का रहने वाला है। उसके पिता त्रिभुवन नारायण सिंह एलएंडटी में अयोध्या में काम करते थे और हाल ही में रिटायर हुए हैं। राजकुमार ने बीए प्रथम वर्ष तक पढ़ाई की थी, लेकिन बाद में पढ़ाई छोड़कर मुंबई में क्रेन हेल्पर का काम करने लगा था।

करीब आठ महीने पहले वह वापस घर लौट आया था और विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। पासपोर्ट भी बनवा रहा था। तीन साल पहले एक विवाद में उसका नाम सामने आने पर वह जेल भी जा चुका है।

पिता बोले- बंगाल में कोई रिश्तेदारी नहीं

राजकुमार के पिता ने बताया कि सोमवार सुबह CBI अधिकारियों का फोन आया था, जिसमें उन्हें बेटे के हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि परिवार का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है और उन्हें नहीं पता कि राजकुमार वहां गया था या नहीं। उन्होंने कहा, “CBI जांच कर रही है। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”

जांच में सामने आए कई अहम सुराग

जांच एजेंसियों के मुताबिक इस हत्याकांड में कम से कम आठ लोगों के शामिल होने की आशंका है। आरोपियों ने हत्या से पहले कई दिनों तक चंद्रनाथ रथ की रेकी की थी। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से पहले आरोपियों की कार बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी, जहां UPI के जरिए टोल भुगतान किया गया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

पुलिस ने घटनास्थल से एक संदिग्ध कार और बाइक भी बरामद की थी। दोनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थीं और वाहन के चेसिस व इंजन नंबर मिटाए गए थे।

शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी थे चंद्रनाथ रथ

चंद्रनाथ रथ पहले एयरफोर्स में अधिकारी रह चुके थे। वीआरएस लेने के बाद उन्होंने राजनीति का रुख किया और लंबे समय तक शुभेंदु अधिकारी के साथ काम किया।

वह 2019 में शुभेंदु की आधिकारिक टीम का हिस्सा बने थे, जब शुभेंदु Mamata Banerjee सरकार में मंत्री थे। उन्हें शुभेंदु अधिकारी का बेहद करीबी माना जाता था और चुनावी रणनीतियों में उनकी अहम भूमिका रहती थी।