खान सर को मिली बड़ी राहत: फायरिंग मामले में गिरफ्तारी पर फिलहाल लगी रोक, कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत
Jun 9, 2026, 11:13 IST
पटना। मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर खान सर को फायरिंग और मारपीट मामले में बड़ी राहत मिली है। पटना जिला अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज मामले में फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अंतरिम राहत प्रदान की है। खान सर ने सोमवार को अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें अस्थायी संरक्षण दे दिया।
2 जून की घटना से शुरू हुआ विवाद
यह मामला 2 जून को खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग और मारपीट की घटना से जुड़ा है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें संस्थान के दो सुरक्षा गार्ड हवा में फायरिंग करते दिखाई दिए थे।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।
सुरक्षा गार्डों के बयान से बढ़ी मुश्किलें
पुलिस पूछताछ के दौरान फायरिंग के आरोपी सुरक्षा गार्डों ने दावा किया कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर हवा में गोलियां चलाई थीं। इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
शुरुआत में खान सर ने आरोप लगाया था कि प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थानों के लोगों ने उनके संस्थान को निशाना बनाते हुए फायरिंग करवाई थी। हालांकि बाद में उन्होंने अपना यह बयान वापस ले लिया।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा गार्डों और खान सर के बयानों में अंतर मिलने के बाद उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसके चलते गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई थी।
अग्नि सुरक्षा जांच में भी मिलीं खामियां
इस बीच खान ग्लोबल स्टडीज में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच भी की गई। निरीक्षण के दौरान संस्थान में कई संरचनात्मक कमियां सामने आईं।
बिहार पुलिस ने बताया कि संस्थान को इन खामियों को दूर करने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा और निर्धारित समय के भीतर आवश्यक सुधार करने होंगे। हाल ही में मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद राज्यभर में सुरक्षा जांच अभियान चलाया जा रहा है।
कौन हैं खान सर?
खान सर का वास्तविक नाम फैजल खान है। वह पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के संस्थापक हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं।
अपने अनोखे पढ़ाने के अंदाज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शैक्षणिक वीडियो के जरिए उन्होंने देशभर में बड़ी पहचान बनाई है। लाखों छात्र उनके ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेज से जुड़ते हैं।
फिलहाल अदालत से मिली अंतरिम राहत के बाद खान सर को तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, जबकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।
2 जून की घटना से शुरू हुआ विवाद
यह मामला 2 जून को खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग और मारपीट की घटना से जुड़ा है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें संस्थान के दो सुरक्षा गार्ड हवा में फायरिंग करते दिखाई दिए थे।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी।
सुरक्षा गार्डों के बयान से बढ़ी मुश्किलें
पुलिस पूछताछ के दौरान फायरिंग के आरोपी सुरक्षा गार्डों ने दावा किया कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर हवा में गोलियां चलाई थीं। इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
शुरुआत में खान सर ने आरोप लगाया था कि प्रतिद्वंद्वी कोचिंग संस्थानों के लोगों ने उनके संस्थान को निशाना बनाते हुए फायरिंग करवाई थी। हालांकि बाद में उन्होंने अपना यह बयान वापस ले लिया।
पुलिस के अनुसार, सुरक्षा गार्डों और खान सर के बयानों में अंतर मिलने के बाद उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसके चलते गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई थी।
अग्नि सुरक्षा जांच में भी मिलीं खामियां
इस बीच खान ग्लोबल स्टडीज में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच भी की गई। निरीक्षण के दौरान संस्थान में कई संरचनात्मक कमियां सामने आईं।
बिहार पुलिस ने बताया कि संस्थान को इन खामियों को दूर करने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा और निर्धारित समय के भीतर आवश्यक सुधार करने होंगे। हाल ही में मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद राज्यभर में सुरक्षा जांच अभियान चलाया जा रहा है।
कौन हैं खान सर?
खान सर का वास्तविक नाम फैजल खान है। वह पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के संस्थापक हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं।
अपने अनोखे पढ़ाने के अंदाज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शैक्षणिक वीडियो के जरिए उन्होंने देशभर में बड़ी पहचान बनाई है। लाखों छात्र उनके ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेज से जुड़ते हैं।
फिलहाल अदालत से मिली अंतरिम राहत के बाद खान सर को तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, जबकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।