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IIT दिल्ली में PM मोदी ने छात्रों से पूछा- भविष्य को लेकर मन में क्या चल रहा है? बोले, मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं...
 

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले 3,000 से अधिक छात्रों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में AI-पावर्ड हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सेंटर ‘परम प्रज्ञा’ का भी उद्घाटन किया।

छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे IIT दिल्ली से सिर्फ डिग्री लेकर नहीं निकल रहे हैं, बल्कि देश के लिए कुछ बड़ा करने के सपने लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।

‘ओरिएंटेशन से कनवोकेशन तक की यात्रा का संतोष’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दीक्षांत समारोह के इस अवसर पर छात्रों के मन में भविष्य को लेकर कई तरह के विचार चल रहे होंगे। हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा, “मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा।”

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के मन में अपने आने वाले कल की एक तस्वीर होती है। IIT दिल्ली में ओरिएंटेशन के पहले दिन से लेकर कनवोकेशन तक की यात्रा छात्रों के लिए एक यादगार अनुभव रही होगी और आज इस सफर को पूरा करने का उन्हें भरपूर संतोष हो रहा होगा।

Delighted to join the Convocation Ceremony of IIT Delhi. My best wishes to all the graduating students.@iitdelhi https://t.co/Lhuq4yUzJW

— Narendra Modi (@narendramodi) August 8, 2026

‘आप सिर्फ डिग्री नहीं ले रहे, देश के लिए सपने लेकर निकल रहे’

पीएम मोदी ने कहा कि IIT दिल्ली से निकलने वाले छात्र केवल अपनी डिग्री लेकर आगे नहीं बढ़ रहे हैं, बल्कि उनके पास देश के लिए कुछ करने के सपने भी हैं। उन्होंने कहा कि हर छात्र का रास्ता अलग होगा और हर किसी का सपना भी अलग होगा, लेकिन आज का दिन सभी के लिए एक विशेष एहसास लेकर आया है।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को याद दिलाया कि उनकी शिक्षा और तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल देश की प्रगति में भी होना चाहिए।

‘जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है’

PM मोदी ने छात्रों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह देते हुए कहा कि कैंपस की जिंदगी और कैंपस के बाहर की जिंदगी में बहुत बड़ा अंतर होता है।

उन्होंने कहा, “IIT की परीक्षा में सिलेबस होता है लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है।” प्रधानमंत्री ने समझाया कि जिंदगी में न कोई तय कोर्स होता है और न कोई प्रश्नपत्र। कई बार तो यह भी कोई नहीं बताता कि असली सवाल क्या है। ऐसे में व्यक्ति को खुद ही सवाल पहचानना और उसका जवाब तलाशना पड़ता है।

‘कई छात्र अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहे होंगे’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दीक्षांत समारोह में मौजूद छात्रों के मन में भविष्य को लेकर अलग-अलग योजनाएं चल रही होंगी। उन्होंने कहा कि कई छात्र अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहे होंगे, कुछ नए शहर में नई शुरुआत की तैयारी कर रहे होंगे, जबकि कई छात्र अपने पहले स्टार्टअप का सपना देख रहे होंगे।

उन्होंने कहा कि हर किसी का रास्ता और सपना अलग है, लेकिन दीक्षांत समारोह का यह पल सभी छात्रों के लिए एक जैसा खास एहसास लेकर आया है।

AI क्षेत्र में नई पहल की दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री ने IIT दिल्ली में AI से जुड़ी नई पहलों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित नई पहल शुरू हुई हैं और इसके लिए उन्होंने IIT दिल्ली के छात्रों और संस्थान को शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक और AI के इस दौर में IIT जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवाओं की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए करने का आह्वान किया।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले 3,000 से अधिक छात्रों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में AI-पावर्ड हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सेंटर ‘परम प्रज्ञा’ का भी उद्घाटन किया।

छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे IIT दिल्ली से सिर्फ डिग्री लेकर नहीं निकल रहे हैं, बल्कि देश के लिए कुछ बड़ा करने के सपने लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।

‘ओरिएंटेशन से कनवोकेशन तक की यात्रा का संतोष’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दीक्षांत समारोह के इस अवसर पर छात्रों के मन में भविष्य को लेकर कई तरह के विचार चल रहे होंगे। हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा, “मैं बाबा बागेश्वर नहीं हूं, लेकिन कुछ तो चलता होगा।”

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के मन में अपने आने वाले कल की एक तस्वीर होती है। IIT दिल्ली में ओरिएंटेशन के पहले दिन से लेकर कनवोकेशन तक की यात्रा छात्रों के लिए एक यादगार अनुभव रही होगी और आज इस सफर को पूरा करने का उन्हें भरपूर संतोष हो रहा होगा।

‘आप सिर्फ डिग्री नहीं ले रहे, देश के लिए सपने लेकर निकल रहे’

पीएम मोदी ने कहा कि IIT दिल्ली से निकलने वाले छात्र केवल अपनी डिग्री लेकर आगे नहीं बढ़ रहे हैं, बल्कि उनके पास देश के लिए कुछ करने के सपने भी हैं। उन्होंने कहा कि हर छात्र का रास्ता अलग होगा और हर किसी का सपना भी अलग होगा, लेकिन आज का दिन सभी के लिए एक विशेष एहसास लेकर आया है।

प्रधानमंत्री ने छात्रों को याद दिलाया कि उनकी शिक्षा और तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल देश की प्रगति में भी होना चाहिए।

‘जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है’

PM मोदी ने छात्रों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह देते हुए कहा कि कैंपस की जिंदगी और कैंपस के बाहर की जिंदगी में बहुत बड़ा अंतर होता है।

उन्होंने कहा, “IIT की परीक्षा में सिलेबस होता है लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है।” प्रधानमंत्री ने समझाया कि जिंदगी में न कोई तय कोर्स होता है और न कोई प्रश्नपत्र। कई बार तो यह भी कोई नहीं बताता कि असली सवाल क्या है। ऐसे में व्यक्ति को खुद ही सवाल पहचानना और उसका जवाब तलाशना पड़ता है।

‘कई छात्र अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहे होंगे’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दीक्षांत समारोह में मौजूद छात्रों के मन में भविष्य को लेकर अलग-अलग योजनाएं चल रही होंगी। उन्होंने कहा कि कई छात्र अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहे होंगे, कुछ नए शहर में नई शुरुआत की तैयारी कर रहे होंगे, जबकि कई छात्र अपने पहले स्टार्टअप का सपना देख रहे होंगे।

उन्होंने कहा कि हर किसी का रास्ता और सपना अलग है, लेकिन दीक्षांत समारोह का यह पल सभी छात्रों के लिए एक जैसा खास एहसास लेकर आया है।

AI क्षेत्र में नई पहल की दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री ने IIT दिल्ली में AI से जुड़ी नई पहलों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित नई पहल शुरू हुई हैं और इसके लिए उन्होंने IIT दिल्ली के छात्रों और संस्थान को शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक और AI के इस दौर में IIT जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवाओं की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने छात्रों से अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए करने का आह्वान किया।