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दिल्ली में बिजली कटौती पर आतिशी का बीजेपी पर बड़ा आरोप, कहा- सत्ता में आते ही लंबे…

 

नई दिल्ली। दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी ने राष्ट्रीय राजधानी में बिजली कटौती को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार आने के बाद से लगातार बिजली कटौती बढ़ रही है।

आतिशी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ''दिल्ली के लिए विपदा बनी भाजपा, सत्ता में आते ही लंबे पावर कट की शुरुआत।''

लगातार बढ़ रही बिजली कटौती का दावा

आतिशी ने कहा, ''पिछले तीन दिनों से दिल्ली के कई इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें आ रही हैं। यह समस्या एक या दो इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दिल्ली में यह स्थिति बनी हुई है। इससे साफ है कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान जिस मॉनीटरिंग से पावर सप्लाई को नियंत्रित किया जाता था, वह अब नहीं हो रही है।''

इन इलाकों में हुई बिजली कटौती

कार्यवाहक मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली के इन इलाकों में पावर कट की शिकायतें मिली हैं:

सैनिक एनक्लेव मोहन गार्डन – 9 फरवरी को चार घंटे तक बिजली नहीं थी।

सनलाइट कॉलोनी, आश्रम – पूरी रात बिजली नहीं आई।

राधेपुर – दो घंटे तक बिजली बाधित रही।

विकासपुरी – चार घंटे तक बिजली नहीं थी।

गर्मी में बिगड़ सकते हैं हालात

आतिशी ने कहा कि बिजली कटौती की वजह से लोग इन्वर्टर खरीदने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ''लोगों को अब एहसास हो गया है कि बीजेपी को सत्ता सौंपकर गलती कर दी। अभी तो फरवरी का महीना है, जब पावर डिमांड कम है, लेकिन मई-जून में जब मांग 8500 मेगावॉट से अधिक होगी, तब हालात और खराब हो सकते हैं।''

बीजेपी सरकार पर तंज, दिल्ली को 'यूपी' बनाने का आरोप

उन्होंने आगे कहा, ''बीजेपी सरकार दिल्ली को यूपी बनाना चाहती है, जहां कई घंटे बिजली कटौती आम बात है।''

सरकार गठन में देरी पर सवाल

जब कार्यवाहक मुख्यमंत्री होने के बावजूद बिजली कटौती रोकने के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठा रही हैं – इस सवाल पर आतिशी ने कहा, ''8 फरवरी को मतगणना के दौरान ही आदेश जारी कर दिया गया था कि मंत्रियों के दफ्तरों पर ताला लगा दिया जाए और उन्हें कोई फाइल न दिखाई जाए। इसलिए अब 8 फरवरी से ही बीजेपी सरकार चला रही है।''

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे

हाल ही में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में AAP को करारा झटका लगा। पार्टी केवल 22 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई, जबकि बीजेपी ने 48 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया। अब सभी की नजरें नई सरकार के गठन पर टिकी हैं।