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आजम खान ने जौहर ट्रस्ट से दिया इस्तीफा, बहन निकहत अफलाक बनीं नई अध्यक्ष
 

 

रामपुर I समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा और छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम ने भी ट्रस्ट के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। रामपुर जेल में बंद रहते हुए आजम खान ने ट्रस्ट की जिम्मेदारी नई टीम को सौंप दी है।

ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए आजम खान की बहन निकहत अफलाक को अध्यक्ष बनाया गया है। बड़े बेटे मोहम्मद अदीब आजम को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अन्य पदों पर समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खान को संयुक्त सचिव, मुश्ताक अहमद सिद्दीकी को उपाध्यक्ष और जावेद उर रहमान खान को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. एसएन सलाम ने इस बदलाव की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह कदम ट्रस्ट के सुचारू संचालन और कानूनी चुनौतियों से निपटने के लिए उठाया गया है।

ट्रस्ट की स्थापना 2013 में हुई थी, जिसमें मुलायम सिंह यादव, आजम खान, अमर सिंह और जयाप्रदा जैसे दिग्गजों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। NCMEI से मान्यता प्राप्त इस ट्रस्ट के तहत जौहर यूनिवर्सिटी के अलावा रामपुर पब्लिक स्कूलों का भी संचालन होता है।

आजम खान पर लंबे समय से विभिन्न कानूनी मामले चल रहे हैं, जिनमें डबल पैन कार्ड केस शामिल है, जिसके कारण वे और उनका बेटा अब्दुल्ला रामपुर जेल में बंद हैं। ट्रस्ट पर किसानों की जमीन कब्जाने से जुड़े करीब 30 मामले दर्ज हैं, जिनमें 1500 बीघा जमीन की खरीद और अन्य विवाद शामिल हैं। 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद इन मामलों की जांच तेज हुई, जिससे ट्रस्ट के कामकाज में बाधा आ रही थी।

कुल मिलाकर आजम खान पर रामपुर में करीब 90 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें से कई जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। छात्रों और संस्थान के संचालन पर भी इसका असर पड़ रहा था। इस पृष्ठभूमि में परिवार ने ट्रस्ट से खुद को अलग कर लिया है ताकि संस्थान निर्विवाद रूप से चल सके।