बांग्लादेश ने मांगा भारत से अतिरिक्त डीजल, विदेश मंत्रालय बोला- घरेलू जरूरतों के बाद होगा फैसला
New Delhi : बांग्लादेश में गहराते ऊर्जा संकट के बीच भारत ने पड़ोसी देश की ओर से मांगी गई अतिरिक्त डीजल आपूर्ति पर प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत अपनी घरेलू जरूरतों, रिफाइनिंग क्षमता और उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए बांग्लादेश की मांग पर विचार कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऊर्जा सहयोग पहले से जारी है। अतिरिक्त डीजल की मांग के संबंध में उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों का आकलन करने के बाद फैसला करेगा।
बांग्लादेश में बढ़ा ऊर्जा संकट
बांग्लादेश पिछले कुछ दिनों से गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी ढाका के ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। बिजली बचाने के लिए सरकार ने शॉपिंग मॉल, दुकानों और बाजारों को रात 8 बजे तक बंद करने के निर्देश भी दिए हैं।
बिजली उत्पादन में कमी और गैस की उपलब्धता प्रभावित होने के कारण कई इलाकों में लोड शेडिंग बढ़ गई है। स्थिति को लेकर आम लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है।
दो साल तक जारी रह सकता है संकट
बांग्लादेश के वित्त मंत्री आमिर खुसरु महमूद चौधरी ने 16 अगस्त 2026 को कहा कि ऊर्जा संकट के समाधान में कम से कम दो साल का समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि नया फ्लोटिंग एलएनजी टर्मिनल तैयार करने में करीब डेढ़ से दो साल लग सकते हैं।
वहीं, बिजली एवं ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद ने भी सरकार की सीमित क्षमता का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में लोड शेडिंग के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
भारत से मांगी गई अतिरिक्त डीजल आपूर्ति
ऊर्जा संकट के बीच बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इस पर भारत ने फिलहाल सकारात्मक लेकिन संतुलित रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत बांग्लादेश की मांग पर अपनी घरेलू जरूरतों, रिफाइनिंग क्षमता और उपलब्धता को ध्यान में रखकर विचार कर रहा है।
भारत के इस बयान के बाद अब नजर इस बात पर है कि बांग्लादेश को अतिरिक्त डीजल आपूर्ति को लेकर नई दिल्ली की ओर से क्या फैसला लिया जाता है।