2 अक्टूबर से शुरू होगा ‘बैंकिंग फॉर यूथ’ अभियान, युवाओं को मिलेंगी बैंकिंग सुविधाएं और खास ऑफर
देश की युवा आबादी को बैंकिंग से जोड़ने के लिए 2 अक्टूबर से ‘बैंकिंग फॉर यूथ’ अभियान शुरू होगा। सरकारी बैंक युवा कियोस्क, बैंकिंग मित्र और विशेष पोर्टल बनाएंगे। युवाओं को यूपीआई और बैंकिंग सेवाओं के इस्तेमाल पर फिटनेस कूपन मिलेंगे। साथ ही बेसिक सेविंग अकाउंट, क्रेडिट स्कोर और डिजिटल बैंकिंग की जानकारी दी जाएगी।
Banking for Youth Campaign: देश की युवा आबादी को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए सरकारी बैंक आगामी 2 अक्टूबर से ‘बैंकिंग फॉर यूथ’ अभियान शुरू करेंगे। अभियान की अवधि एक महीने या उससे अधिक रखी जा सकती है। इसके तहत युवाओं को बैंकिंग सेवाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें डिजिटल भुगतान और औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बैंकिंग कॉन्फ्लुएंस के समापन सत्र में सभी सरकारी बैंकों और सरकारी वित्तीय संस्थानों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश की युवा आबादी के साथ प्रभावी तरीके से जुड़ने के लिए बैंकों को एक केंद्रित अभियान चलाने की जरूरत है।
युवा कियोस्क और बैंकिंग मित्र बनाएंगे सरकारी बैंक
अभियान के तहत सभी सरकारी बैंक युवाओं के लिए ‘युवा कियोस्क’ और ‘युवा बैंकिंग मित्र’ की व्यवस्था करेंगे। इन माध्यमों से युवाओं को बैंक खाते, डिजिटल भुगतान, बैंकिंग सेवाओं और अन्य वित्तीय सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
बैंक युवाओं को यूपीआई भुगतान और विभिन्न बैंकिंग सेवाओं के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित भी करेंगे। इसके तहत योग और फिटनेस सेंटर के कूपन व वाउचर दिए जाने की योजना है, जिनका इस्तेमाल युवा संबंधित केंद्रों पर छूट पाने के लिए कर सकेंगे।
करियर और कैंपस से जुड़ेंगे बैंक
सरकारी बैंक युवाओं से करियर और कैंपस स्तर पर जुड़ने के लिए विशेष पोर्टल भी तैयार करेंगे। इन पोर्टल पर युवाओं को बैंकिंग से जुड़ी विभिन्न जानकारियां एक ही जगह मिल सकेंगी। पोर्टल के माध्यम से युवा अपने नजदीकी बैंक शाखा की जानकारी भी हासिल कर सकेंगे। इसके बाद वे संबंधित शाखा में जाकर बिना किसी शुल्क वाला बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट अकाउंट खुलवा सकेंगे।
15 से 29 वर्ष की आबादी 29 प्रतिशत
वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि देश की कुल आबादी में 15 से 29 वर्ष की उम्र के युवाओं की हिस्सेदारी करीब 29 प्रतिशत है। ऐसे में बैंकिंग क्षेत्र के लिए युवाओं को अपनी सेवाओं से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि युवा सरकारी बैंकों की तुलना में निजी बैंकों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। सरकारी बैंकों को इस बदलाव के कारणों पर विचार करते हुए अपनी सेवाओं को युवाओं की जरूरत और पसंद के अनुरूप बनाना होगा।
24 घंटे आसान बैंकिंग पर जोर
वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों से युवाओं के लिए बैंकिंग सेवाओं को सरल, सुविधाजनक और चौबीसों घंटे उपलब्ध बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था में युवाओं की बदलती जरूरतों और डिजिटल आदतों को ध्यान में रखना जरूरी है।
इसके साथ ही बैंकों को युवाओं को क्रेडिट स्कोर और अच्छे क्रेडिट स्कोर के फायदे के बारे में भी जागरूक करना होगा, ताकि कम उम्र से ही उनमें जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार विकसित हो सके।