NEET पेपर में बड़ा एक्शन: MBBS छात्र निकला फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड, बिहार से पकड़ा गया सॉल्वर गैंग
May 12, 2026, 19:59 IST
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है। केंद्र सरकार की मंजूरी और जांच एजेंसियों से मिली रिपोर्ट के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी, जिसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
इस फैसले के बाद देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के बीच हलचल मच गई है। वहीं बिहार में सक्रिय एक बड़े सॉल्वर गैंग का खुलासा होने के बाद पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
बिहार में सक्रिय था हाईटेक सॉल्वर गैंग
बिहार के नालंदा जिले में पुलिस ने NEET परीक्षा से पहले एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि गिरोह मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास कराने के नाम पर 50 से 60 लाख रुपये तक की डील करता था।
पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड विम्स मेडिकल कॉलेज का MBBS छात्र अवधेश कुमार है। मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
गाड़ी चेकिंग में खुला पूरा नेटवर्क
3 मई की रात पावापुरी थाना पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान स्कॉर्पियो-N और ब्रेजा कार को रोककर तलाशी ली गई। जांच में कई संदिग्ध दस्तावेज, एडमिट कार्ड और पहचान पत्र बरामद हुए, जिसके बाद तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।
मुख्य आरोपी अवधेश कुमार के मोबाइल की जांच में चैट, लेन-देन और कई संदिग्ध संपर्कों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने मुजफ्फरपुर, जमुई और औरंगाबाद समेत कई जिलों में छापेमारी की।
60 लाख तक में होती थी सीट की सेटिंग
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह असली उम्मीदवार की जगह सॉल्वर बैठाने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए पहले 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे, जबकि पूरी डील 50 से 60 लाख रुपये में तय होती थी।
इस रैकेट में उज्ज्वल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह की अहम भूमिका सामने आई है।
डॉक्टर का बेटा भी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में सीतामढ़ी के डॉक्टर नरेश कुमार दास का बेटा हर्षराज भी शामिल है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर निवासी मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इस फैसले के बाद देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के बीच हलचल मच गई है। वहीं बिहार में सक्रिय एक बड़े सॉल्वर गैंग का खुलासा होने के बाद पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है।
बिहार में सक्रिय था हाईटेक सॉल्वर गैंग
बिहार के नालंदा जिले में पुलिस ने NEET परीक्षा से पहले एक बड़े सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि गिरोह मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास कराने के नाम पर 50 से 60 लाख रुपये तक की डील करता था।
पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड विम्स मेडिकल कॉलेज का MBBS छात्र अवधेश कुमार है। मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
गाड़ी चेकिंग में खुला पूरा नेटवर्क
3 मई की रात पावापुरी थाना पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान स्कॉर्पियो-N और ब्रेजा कार को रोककर तलाशी ली गई। जांच में कई संदिग्ध दस्तावेज, एडमिट कार्ड और पहचान पत्र बरामद हुए, जिसके बाद तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।
मुख्य आरोपी अवधेश कुमार के मोबाइल की जांच में चैट, लेन-देन और कई संदिग्ध संपर्कों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने मुजफ्फरपुर, जमुई और औरंगाबाद समेत कई जिलों में छापेमारी की।
60 लाख तक में होती थी सीट की सेटिंग
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह असली उम्मीदवार की जगह सॉल्वर बैठाने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए पहले 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस लिए जाते थे, जबकि पूरी डील 50 से 60 लाख रुपये में तय होती थी।
इस रैकेट में उज्ज्वल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह की अहम भूमिका सामने आई है।
डॉक्टर का बेटा भी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में सीतामढ़ी के डॉक्टर नरेश कुमार दास का बेटा हर्षराज भी शामिल है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर निवासी मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।