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आरजी कर मामले में बड़ा एक्शन: तीन IPS अधिकारी निलंबित, ममता बनर्जी की भूमिका की भी होगी जांच
 

 

RG Kar Medical College Rape and Murder Case से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया। सरकार ने कहा है कि मामले की फाइल दोबारा खोली जाएगी और तत्कालीन पुलिस अधिकारियों की भूमिका की विभागीय जांच कराई जाएगी।

नवान्न में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि आरजी कर कांड की जांच के दौरान गंभीर लापरवाही और प्रक्रियागत चूक सामने आई हैं। उन्होंने संकेत दिया कि उस समय की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की भूमिका की भी जांच के दायरे में समीक्षा की जाएगी।

तीन वरिष्ठ IPS अधिकारी निलंबित

निलंबित अधिकारियों में तत्कालीन कोलकाता पुलिस आयुक्त Vineet Goyal, तत्कालीन डीसी (नॉर्थ) Abhishek Gupta और तत्कालीन डीसी (सेंट्रल) Indira Mukhopadhyay शामिल हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन अधिकारियों पर मामले को संभालने में गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने मुख्य सचिव और गृह सचिव से आरजी कर मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई का फैसला लिया।

FIR और शुरुआती जांच पर उठे सवाल

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज करने और शुरुआती जांच में गंभीर गड़बड़ियां हुईं। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया था कि पीड़िता की मां को राज्य सरकार की ओर से पैसे देने की कोशिश की गई थी, जिसकी भी जांच कराई जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों पर आरोप हैं, उन्हें निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जांच प्रक्रिया से अलग रखा जाएगा। हालांकि, सीबीआई की आपराधिक जांच में राज्य सरकार किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेगी।

कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट की होगी जांच

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय किन अधिकारियों ने किससे बातचीत की, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और दिए गए निर्देशों की जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री या किसी मंत्री की ओर से कोई निर्देश जारी किए गए थे या नहीं।

उन्होंने उस समय एक महिला डीसी द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी बॉडी लैंग्वेज और बयान राज्य के लिए उचित नहीं थे। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब वह अधिकारी आधिकारिक प्रवक्ता नहीं थीं, तो उन्हें सार्वजनिक बयान देने की जिम्मेदारी किसने दी।

अगस्त 2024 में मिला था महिला डॉक्टर का शव

गौरतलब है कि 9 अगस्त 2024 को RG Kar Medical College and Hospital में एक महिला डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और राज्यभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

घटना के अगले दिन कोलकाता पुलिस ने सिविक वॉलंटियर Sanjay Roy को गिरफ्तार किया था। बाद में Calcutta High Court के आदेश पर मामले की जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई।

लंबी जांच और सुनवाई के बाद 18 जनवरी 2025 को सियालदह कोर्ट ने संजय रॉय को दोषी करार दिया था। इसके बाद 20 जनवरी 2025 को जज Anirban Das ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।