बंगाल में दुर्गा पूजा को लेकर बड़े ऐलान: अष्टमी पर शराबबंदी से लेकर ₹1 लाख अनुदान तक...जानें नए नियम
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा 2026 को लेकर सरकार ने पूजा समितियों के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को पूजा समितियों के साथ तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि जरूरतमंद और छोटी पूजा समितियों को सरकार की ओर से एक लाख रुपये तक का वैकल्पिक अनुदान दिया जाएगा। हालांकि, बड़े बजट में पूजा आयोजित करने वाली समितियों से उन्होंने सरकारी आर्थिक सहायता नहीं लेने की अपील की है। अनुदान पाने के लिए संबंधित पूजा समितियों को स्थानीय थाने में आवेदन करना होगा।
अष्टमी पर शराब की दुकानें और बार रहेंगे बंद
दुर्गा पूजा के दौरान कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शराब को लेकर भी सख्त फैसला लिया है। महाअष्टमी के दिन पूरे राज्य में शराब की सभी दुकानें और बार बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा और विसर्जन के दौरान कहीं भी DJ बजाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा पूजा आयोजन या जुलूस के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात बाधित नहीं किया जा सकेगा। आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जुलूस और अन्य कार्यक्रमों से हाईवे पर आवागमन प्रभावित न हो।
पूजा समितियों को नहीं देना होगा बिजली का शुल्क
दुर्गा पूजा समितियों को इस बार बिजली के खर्च से भी राहत देने का ऐलान किया गया है। सरकार के मुताबिक, पूजा समितियों से बिजली के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके लिए विद्युत वितरण कंपनियों के साथ बातचीत पूरी हो चुकी है।
गौरतलब है कि पिछली सरकार के दौरान कोलकाता में पूजा समितियों को बिजली शुल्क में 80 प्रतिशत तक की छूट मिलती थी, जबकि जिलों में बिजली शुल्क नहीं लिया जाता था। अब कोलकाता समेत पूरे पश्चिम बंगाल में पूजा समितियों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।
फायर ब्रिगेड की अनुमति भी होगी मुफ्त
सरकार ने पूजा समितियों को एक और राहत देते हुए अग्निशमन विभाग से अनुमति लेने के लिए लगने वाला शुल्क भी खत्म करने का फैसला किया है। यानी पूजा आयोजन के लिए फायर विभाग की अनुमति लेने पर समितियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
24 अक्टूबर तक करना होगा विसर्जन
सरकार ने दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर भी समयसीमा तय की है। पूजा समितियों को 24 अक्टूबर 2026 तक प्रतिमा विसर्जन पूरा करना होगा। सरकार का कहना है कि पूजा और विसर्जन की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए नियमों और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस तरह दुर्गा पूजा 2026 में पश्चिम बंगाल की पूजा समितियों को आर्थिक सहायता, मुफ्त बिजली और फायर विभाग की फीस से राहत मिलेगी, वहीं DJ, शराब और विसर्जन की समयसीमा को लेकर सख्त नियम लागू रहेंगे।
दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था
दुर्गा पूजा के दौरान दिव्यांगजनों और वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने ऐसे लोगों के लिए सुगम और सुविधाजनक दर्शन की व्यवस्था करने का फैसला लिया है, ताकि उन्हें भीड़ के बीच परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा महालया के बाद राज्य के छह शहरों में दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें दीघा भी शामिल है। वहीं, कोलकाता के चार प्रमुख घाटों को भी दुर्गा पूजा के दौरान विशेष रूप से सजाया जाएगा। घाटों की सजावट के साथ यहां श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा।
शारद सम्मान की परंपरा रहेगी जारी
दुर्गा पूजा के दौरान हर साल दिए जाने वाले शारद सम्मान को इस बार भी जारी रखा जाएगा। पूजा समितियों को अलग-अलग श्रेणियों में उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा।
श्रेष्ठ प्रतिमा, श्रेष्ठ मंडप, पर्यावरण-अनुकूल पूजा, बेहतर भीड़ प्रबंधन और उत्कृष्ट प्रतिमा शिल्प जैसी विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरस्कारों के लिए गठित निर्णायक मंडल निष्पक्ष तरीके से पूजा समितियों का चयन करेगा।
इस साल नहीं होगा दुर्गा पूजा कार्निवाल
दुर्गा पूजा से जुड़ा एक बड़ा बदलाव यह है कि इस वर्ष दुर्गा पूजा कार्निवाल आयोजित नहीं किया जाएगा। सरकार ने पहले लागू की गई अनिवार्य कार्निवाल व्यवस्था को इस बार समाप्त करने का फैसला किया है।
सरकार की ओर से दुर्गा पूजा को लेकर जारी तैयारियों और घोषणाओं से साफ है कि इस बार एक तरफ पूजा समितियों को आर्थिक और प्रशासनिक राहत देने पर जोर है, तो दूसरी ओर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, शराबबंदी, DJ और विसर्जन को लेकर नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी है।