AAP को बड़ा झटका, राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों को राज्यसभा ने दी मान्यता
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। राज्यसभा सचिवालय ने राघव चड्ढा समेत पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों को भारतीय जनता पार्टी का सदस्य मान्यता दे दी है। इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
इस फैसले के बाद राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जबकि आम आदमी पार्टी के पास अब केवल तीन सांसद बचे हैं।
संजय सिंह ने की थी अयोग्यता की मांग
AAP सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह कदम दल-बदल कानून के खिलाफ है और जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात है।हालांकि राज्यसभा सचिवालय के फैसले के बाद साफ हो गया है कि AAP की मांग स्वीकार नहीं की गई।
24 अप्रैल को किया था पार्टी छोड़ने का ऐलान
राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने 24 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर AAP छोड़ने और BJP में शामिल होने की घोषणा की थी। उनके साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता के नाम भी सामने आए थे।
इन नेताओं ने आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक गई है।
‘दो-तिहाई सांसदों के विलय का संवैधानिक अधिकार’
राघव चड्ढा ने दावा किया था कि संविधान के तहत यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई सांसद दूसरी पार्टी में विलय का फैसला लेते हैं, तो उन्हें दल-बदल कानून के तहत अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता।
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद दिल्ली और पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे AAP के लिए बड़ा झटका मान रहा है, जबकि भाजपा इसे अपने बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का संकेत बता रही है।