{"vars":{"id": "130921:5012"}}

Agniveer Scheme में बड़ा बदलाव: अब 4 नहीं 6 साल तक मिलेगी सेवा, स्थायी सैनिक बनने का भी मिलेगा मौका

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब चार साल बाद नियमित सेवा में चयनित नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा मिलेगी। इसके बाद निर्धारित मानकों और इच्छा के आधार पर उन्हें नियमित सैनिक बनने का मौका मिलेगा। जानिए नए नियमों की पूरी जानकारी।

 

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। नए फैसले के तहत शुरुआती चार साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में चयनित नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर मिलेगा। इसके बाद निर्धारित मानकों पर खरा उतरने और सेना में बने रहने की इच्छा रखने वाले अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।

अग्निपथ योजना में क्या बदलेगा?

जून 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल के लिए की जाती थी। इस अवधि के पूरा होने के बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता और मेरिट के आधार पर नियमित सशस्त्र बलों में शामिल करने का प्रावधान था। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद बाहर होना पड़ता था।

अब सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है। नए फैसले के मुताबिक, शुरुआती चार साल के बाद नियमित सेवा में चयनित नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा कार्यकाल दिया जाएगा। इस तरह उन्हें कुल छह साल तक सेना में सेवा देने का अवसर मिलेगा।

दो साल की अतिरिक्त अवधि पूरी होने के बाद इच्छुक अग्निवीर निर्धारित चयन मानकों को पूरा करने पर नियमित सैनिक के रूप में भर्ती हो सकेंगे।

25 प्रतिशत अग्निवीरों के चयन का पुराना नियम जारी रहेगा

सरकार के नए फैसले में शुरुआती चार साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने का प्रावधान बरकरार रखा गया है। इनका चयन पहले की तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर होगा।

वहीं, अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैनिक बनने वाले अग्निवीरों की वरिष्ठता पहले चार साल के बाद चयनित हुए जवानों से नीचे रहेगी। यानी पहले चरण में नियमित सेवा के लिए चुने गए अग्निवीरों को वरिष्ठता में प्राथमिकता मिलेगी।

अतिरिक्त सेवा के दौरान मिलेगा ज्यादा वेतन

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने नए बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को बढ़ा हुआ वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही सेवा निधि पैकेज में भी बढ़ोतरी की जाएगी। जो अग्निवीर अतिरिक्त दो साल की सेवा के बाद बाहर होना चाहेंगे, उन्हें बढ़े हुए सेवा निधि पैकेज का लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया गया है। उनके कौशल, शारीरिक क्षमता, प्रेरणा और तकनीक के इस्तेमाल को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इसी मूल्यांकन और तीनों सेनाओं की सिफारिशों के आधार पर यह बदलाव किया गया है।

अग्निपथ योजना बंद नहीं होगी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि अग्निपथ योजना को बंद नहीं किया जा रहा है। यह योजना पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन अब अग्निवीरों को चार साल के बाद दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प भी मिलेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अतिरिक्त दो साल की अवधि को 'सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी' बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भारतीय सशस्त्र बलों को अधिक युवा, सक्षम, तकनीकी रूप से मजबूत और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में दीर्घकालिक सुधारों का हिस्सा है।

दिसंबर में करीब 18,300 अग्निवीरों का कार्यकाल होने वाला था पूरा

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए शुरुआती बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। करीब 18,300 अग्निवीरों को 31 दिसंबर तक अपनी चार साल की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होना था। अब नए बदलाव के बाद इन जवानों को भी अतिरिक्त दो साल की सेवा का अवसर मिल सकेगा।