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RJD में बड़ा बदलाव: तेजस्वी यादव बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, लालू ने सौंपी कमान

 

Patna : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। पटना के होटल मौर्य में हुई इस बैठक में भोला यादव ने प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी नेताओं ने सहमति जताई। लालू प्रसाद यादव ने तेजस्वी को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। बैठक में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, मीसा भारती, संजय यादव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

बैठक में बिहार चुनाव हार पर भी चर्चा

बैठक में 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार पर भी गंभीर चर्चा हुई। तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में कहा कि हमें सबकुछ भूलकर आगे बढ़ना है। या तो नरेंद्र मोदी के चरण में रहिए या फिर उनसे लड़िए। चाचा जी तो चरण में चले गए हैं, वीडियो सबने देखा होगा, लेकिन हम नहीं झुकेंगे।" लालू प्रसाद ने कहा, "तेजस्वी जब पद पर नहीं थे, तब भी काफी अच्छा काम कर रहे थे। अब और ज्यादा बढ़िया से कम करेंगे। सबको मिलकर संगठन को मजबूत करना है। आगे सबको लड़ना है और जीतना है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं पर कार्रवाई को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। पार्टी के भीतर ऐसे नेताओं पर सख्त फैसले लिए जा सकते हैं।

लालू यादव क्यों RJD अध्यक्ष पद छोड़ रहे?

लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य कारणों से आगे राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं रहना चाहते। वे अपना कार्यकाल पूरा होने (2028) तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहेंगे। उसके बाद तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी के पास राष्ट्रीय अध्यक्ष जितनी ताकत पहले से होगी।

रोहिणी आचार्य का तंज

बैठक से पहले लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने X पर तंज भरे लहजे में लिखा, "गिरोह-ए-घुसपैठ की कठपुतली बने शहजादे को ताजपोशी मुबारक..." रोहिणी ने आगे लिखा कि वर्तमान में पार्टी की कमान फासीवादी विरोधियों के भेजे गए घुसपैठियों के हाथों में है, जो लालूवाद को तहस-नहस करने के टास्क पर लगे हैं। उन्होंने कहा कि नेतृत्व सवालों से भाग रहा है और लालूवाद की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार कर रहा है।

बैठक की तस्वीरें और माहौल

बैठक में लालू यादव अपनी पत्नी राबड़ी देवी और परिवार संग पहुंचे। बैठक से पहले मीडिया को धक्के देकर बाहर निकाला गया। मंच पर लालू यादव, राबड़ी यादव समेत कई बड़े नेता मौजूद थे। तेजस्वी के पीछे वाली सीट पर संजय यादव और मीसा भारती से बात करते दिखे।

राजनीतिक महत्व

तेजस्वी यादव का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनना RJD में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है। लालू यादव के स्वास्थ्य और उम्र को देखते हुए पार्टी तेजस्वी को आगे लाकर संगठन को मजबूत करना चाहती है। 2025 के चुनाव हार के बाद पार्टी में नए सिरे से रणनीति बनाने की जरूरत है। रोहिणी आचार्य का बयान पार्टी के भीतर असंतोष को दर्शाता है।

यह फैसला बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। तेजस्वी अब राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की कमान संभालेंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज करेंगे।