{"vars":{"id": "130921:5012"}}

UPI पेमेंट पर व्यापारियों को बड़ी राहत, 15 अक्टूबर से नहीं लगेगा MDR चार्ज; नई तारीख का ऐलान जल्द
 

 

नई दिल्ली। यूपीआई (UPI) के जरिए डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की तारीख आगे बढ़ा दी है। पहले यह शुल्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे दिवाली के बाद लागू किया जाएगा। नई तारीख की आधिकारिक घोषणा अलग से की जाएगी।

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि MDR लागू करने की समयसीमा 1 जनवरी 2027 तक बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, फिलहाल इस तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। त्योहारों के दौरान कारोबार और डिजिटल भुगतान को ध्यान में रखते हुए शुल्क लागू करने का फैसला टाला गया है।

2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर प्रस्तावित है शुल्क

नई व्यवस्था के तहत चुनिंदा व्यापारी लेनदेन में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाने का प्रावधान है। हालांकि, छोटे व्यापारियों और निर्धारित श्रेणियों के लेनदेन को इससे छूट दी गई है। सरकार के अनुसार, लगभग 96 प्रतिशत मर्चेंट यूपीआई ट्रांजैक्शन शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे।
आम ग्राहकों के लिए यूपीआई पेमेंट रहेगा मुफ्त

सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आम ग्राहकों को यूपीआई से पैसे भेजने या भुगतान करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच होने वाले सभी यूपीआई ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।

फिलहाल MDR लागू करने की समयसीमा बढ़ने से व्यापारियों को त्योहारों के दौरान अतिरिक्त भुगतान शुल्क से राहत मिलेगी। अब व्यापारियों और डिजिटल पेमेंट कंपनियों की नजर नई तारीख को लेकर होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।