बंगाल उपचुनाव में भाजपा की बड़ी जीत! नंदीग्राम में रिकॉर्ड जीत, मुस्लिम बहुल रेजीनगर में भी लहराया भगवा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शानदार प्रदर्शन किया है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को हुई मतगणना में भाजपा ने दोनों सीटों पर निर्णायक बढ़त हासिल की। नंदीग्राम में भाजपा प्रत्याशी हासिरानी रथ ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान पर 1,22,753 वोटों की बढ़त बनाई, जबकि मुस्लिम बहुल रेजीनगर में भाजपा उम्मीदवार शाखारभ सरकार ने करीब 75 हजार वोटों की बढ़त हासिल कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।
मुस्लिम बहुल रेजीनगर में भाजपा का बड़ा प्रदर्शन
रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम आबादी लगभग 74 प्रतिशत बताई जाती है। ऐसे में यहां भाजपा का मजबूत प्रदर्शन राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी शाखारभ सरकार का मुकाबला आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद से था, जो पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के लिए इस सीट का परिणाम खास मायने रखता है, क्योंकि यह क्षेत्र अल्पसंख्यक मतदाताओं की बड़ी आबादी वाला है। भाजपा इसे अपने बढ़ते जनाधार और अल्पसंख्यक मतदाताओं तक पहुंच के संकेत के रूप में देख रही है।
नंदीग्राम में हासिरानी रथ का दबदबा
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भी भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया। पार्टी उम्मीदवार हासिरानी रथ ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। मिलन प्रधान को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था।
मतगणना के सभी 17 दौर पूरे होने के बाद उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हासिरानी रथ को 1,64,427 वोट मिले, जबकि मिलन प्रधान को 41,674 वोट प्राप्त हुए। दोनों के बीच 1,22,753 वोटों का अंतर रहा।
6 अक्टूबर को हुआ था मतदान
दोनों विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव कराया गया था। नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में भवानीपुर सीट अपने पास रखी।
वहीं, रेजीनगर सीट आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के छोड़ने के बाद रिक्त हुई थी। उन्होंने नौदा विधानसभा सीट बरकरार रखने का फैसला किया था।
बंगाल की राजनीति में क्या हैं इसके मायने?
दोनों सीटों पर भाजपा का प्रदर्शन राज्य में पार्टी की राजनीतिक स्थिति को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। विशेष रूप से मुस्लिम बहुल रेजीनगर में पार्टी की सफलता ने विपक्षी दलों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
वहीं, नंदीग्राम में भाजपा की भारी बढ़त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के लिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इन उपचुनावों के नतीजों ने बंगाल में विपक्ष की एकजुटता और चुनावी रणनीति पर भी सवाल खड़े किए हैं।