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महापंचायत के बीच किसानों की बड़ी जीत, सरकार ने मानी दो अहम मांगें

 

New Delhi : दिल्ली में आयोजित किसानों की एकदिवसीय महापंचायत के बीच किसान संगठनों को बड़ी राहत मिली है। किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंढेर ने दावा किया कि सरकार ने किसानों की दो प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम राणा ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से किसानों की बातचीत कराने का आश्वासन दिया है।

पंढेर ने कहा कि बैठक में किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत गिरफ्तार किए गए अन्य किसान नेताओं की रिहाई की मांग भी उठाई गई, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि अब किसान संगठन आपस में चर्चा कर आंदोलन की आगामी रणनीति और अगले कदम पर फैसला करेंगे।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में जुटे किसान

पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों के किसान 'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले दिल्ली के किसान घाट पर प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में एकजुट हुए थे। किसान संगठनों का कहना है कि इस समझौते का देश की कृषि व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।

किसानों की क्या है आपत्ति?

सरवन सिंह पंढेर का कहना है कि यदि भारत में सस्ते विदेशी कृषि उत्पादों के आयात की अनुमति दी गई, तो इसका सीधा नुकसान किसानों, खेतिहर मजदूरों, पशुपालकों और छोटे व्यापारियों को होगा। उनका दावा है कि प्रस्तावित समझौता केवल कृषि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें डेयरी, उद्योग, डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स, सरकारी खरीद, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) और सेवा क्षेत्र भी शामिल हो सकते हैं।

केंद्र सरकार से समझौता रद्द करने की मांग

पंजाब के कई किसान संगठनों ने केंद्र सरकार से भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने और किसानों तथा आम जनता के हितों की रक्षा करने की मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार को किसी भी व्यापार समझौते से पहले कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव का व्यापक आकलन करना चाहिए।