CJP आंदोलन की बड़ी जीत: सरकार ने मानीं पांचों मांगें, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर का प्रदर्शन समाप्त
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और केंद्र सरकार के बीच शनिवार को तीसरे दौर की वार्ता सफल रही। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह शामिल हुए। बैठक के दौरान सीजेपी द्वारा रखी गई पांचों मांगों पर चर्चा हुई, जिन्हें सरकार ने स्वीकार कर लिया।
बैठक के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि सरकार द्वारा प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद जंतर-मंतर पर कई दिनों से जारी आंदोलन तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जा रहा है।
सौरभ दास ने बताया कि संगठन की तीन प्रमुख मांगें थीं— केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दिल्ली सहित पूरे देश में दर्ज सभी मामलों और एफआईआर को वापस लेना तथा भविष्य में आंदोलन से जुड़े किसी भी व्यक्ति पर नया मामला दर्ज न किया जाना। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि संगठन ने सरकार को व्यापक शिक्षा और परीक्षा सुधारों से जुड़ा पांच सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा है। इस संबंध में चार सप्ताह बाद सरकार के साथ फिर बैठक होगी, जिसमें शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों पर चर्चा की जाएगी।
इससे पहले शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसे सीजेपी आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों में उत्साह का माहौल बन गया। छात्रों और कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, डांस कर खुशी मनाई और इसे जनता की एकजुटता की जीत बताया।
संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन की पहली बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन और शांतिपूर्ण संघर्ष के कारण सरकार को उनकी मांगें स्वीकार करनी पड़ीं। अब संगठन शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए सरकार के साथ आगे भी संवाद जारी रखेगा.