बिहार राज्यसभा चुनाव: एनडीए की पांचों सीटों पर जीत के बाद आया तेजस्वी यादव का रिएक्शन, बोले- धोखा न होता तो...
Mar 16, 2026, 21:48 IST
पटना। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए ने सभी सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। चुनाव परिणाम के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और महागठबंधन की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई है। एनडीए की ओर से विजयी उम्मीदवारों में नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर (जेडीयू), नीतिन नवीन और शिवेश राम (भाजपा) तथा उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम) शामिल हैं। दूसरी ओर महागठबंधन को बड़ा झटका लगा, क्योंकि उसके चार विधायक मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे। इनमें आरजेडी का एक और कांग्रेस के तीन विधायक शामिल बताए जा रहे हैं।
तेजस्वी यादव बोले– हमारी जीत तय थी
चुनाव परिणाम के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महागठबंधन को पहले से ही पता था कि उनकी संख्या 35 है और जीत के लिए छह वोट कम थे।
उन्होंने कहा, हमें मालूम था कि हमारी संख्या कम है, लेकिन फिर भी हमने मुकाबला करने का फैसला किया। हम एनडीए के सामने झुके नहीं। अगर कुछ लोगों ने धोखा नहीं दिया होता, तो आज हमारी जीत तय थी, क्योंकि हम छह वोट का आंकड़ा पूरा कर चुके थे।”
AIMIM और बसपा ने किया समर्थन
तेजस्वी यादव ने कहा कि इस चुनाव में All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) के पांच विधायकों और बसपा के एक विधायक ने महागठबंधन का समर्थन किया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी छल-कपट, धनबल और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करती रही है। उनका आरोप था कि इस तरह की घटनाएं केवल बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के चुनावों में भी सामने आती रही हैं।
अमरेंद्र धारी सिंह थे महागठबंधन के उम्मीदवार
राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से Rashtriya Janata Dal ने Amrendra Dhari Singh को उम्मीदवार बनाया था, जिससे पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला रोचक हो गया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के बाद बिहार की राजनीति में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अगर Nitish Kumar राज्यसभा के लिए चुने जाते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है, जिससे राज्य की सियासत में नया समीकरण बन सकता है।
तेजस्वी यादव बोले– हमारी जीत तय थी
चुनाव परिणाम के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महागठबंधन को पहले से ही पता था कि उनकी संख्या 35 है और जीत के लिए छह वोट कम थे।
उन्होंने कहा, हमें मालूम था कि हमारी संख्या कम है, लेकिन फिर भी हमने मुकाबला करने का फैसला किया। हम एनडीए के सामने झुके नहीं। अगर कुछ लोगों ने धोखा नहीं दिया होता, तो आज हमारी जीत तय थी, क्योंकि हम छह वोट का आंकड़ा पूरा कर चुके थे।”
AIMIM और बसपा ने किया समर्थन
तेजस्वी यादव ने कहा कि इस चुनाव में All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) के पांच विधायकों और बसपा के एक विधायक ने महागठबंधन का समर्थन किया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी छल-कपट, धनबल और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करती रही है। उनका आरोप था कि इस तरह की घटनाएं केवल बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के चुनावों में भी सामने आती रही हैं।
अमरेंद्र धारी सिंह थे महागठबंधन के उम्मीदवार
राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से Rashtriya Janata Dal ने Amrendra Dhari Singh को उम्मीदवार बनाया था, जिससे पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला रोचक हो गया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के बाद बिहार की राजनीति में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अगर Nitish Kumar राज्यसभा के लिए चुने जाते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है, जिससे राज्य की सियासत में नया समीकरण बन सकता है।