{"vars":{"id": "130921:5012"}}

Rahul Gandhi के दलित सम्मान वाले बयान पर BJP का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी बोले- कांग्रेस दलितों से चप्पल उठवाती…

 

नई दिल्ली। दलित सम्मान को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से केंद्र सरकार और बीजेपी-आरएसएस पर लगाए गए आरोपों के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर पलटवार किया। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी और पार्टी प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कांग्रेस के इतिहास और उसके दलित नेताओं के साथ व्यवहार को लेकर कई सवाल उठाए।

बीजेपी प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का राजनीतिक इतिहास दलित विरोधी रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान का मुद्दा उठाया गया था। पासवान ने प्रियंका गांधी वाड्रा के वायनाड लोकसभा चुनाव के नामांकन के दौरान खड़गे की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नामांकन प्रक्रिया में मौजूद थे, जबकि खड़गे बाहर खड़े नजर आए। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों पर कांग्रेस का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।

पासवान ने पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस पर निशाना साधा और दावा किया कि अतीत में कांग्रेस नेताओं से जुड़े ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जो पार्टी के दलित सम्मान के दावों पर सवाल खड़े करते हैं।

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजस्थान में दलितों से जुड़े कुछ पुराने मामलों का जिक्र किया। उन्होंने हरिश जाटव, योगेश जाटव और कृष्णा वाल्मीकि से संबंधित घटनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब सत्ता में होती है तो दलितों के मुद्दों पर उसका रवैया अलग होता है और विपक्ष में रहने पर उसका रुख अलग दिखाई देता है।

उन्होंने कर्नाटक के कांग्रेस विधायक रहे अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर पर हुए हमले का भी जिक्र किया। त्रिवेदी का दावा है कि पार्टी ने उस समय अपने ही दलित नेता का पर्याप्त साथ नहीं दिया और बाद में मूर्ति ने कांग्रेस छोड़ दी।

राहुल गांधी ने केंद्र पर लगाए थे आरोप

दरअसल, राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दलितों के कथित अपमान का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।

राहुल गांधी ने राजस्थान का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के मंदिर जाने के बाद बीजेपी नेताओं की ओर से ‘शुद्धिकरण’ जैसी रस्में की गईं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपना जीवन देश और संविधान को समर्पित किया है, इसके बावजूद उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया।

आरोपों के बीच बढ़ी सियासी तकरार

दलित सम्मान का मुद्दा अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बहस का नया केंद्र बनता दिख रहा है। राहुल गांधी जहां बीजेपी और आरएसएस पर दलितों के अपमान का आरोप लगा रहे हैं, वहीं बीजेपी नेता कांग्रेस के पुराने मामलों और उसके दलित नेताओं के साथ कथित व्यवहार को सामने रखकर पलटवार कर रहे हैं।

दोनों दलों के आरोपों के बीच यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमाने के आसार हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए कई राजनीतिक दावों और घटनाओं के संदर्भ में स्वतंत्र तथ्यों की पुष्टि अलग-अलग मामलों में जरूरी है।