8 हजार में खरीदा, डेढ़ करोड़ में बेचा! महाराष्ट्र TET पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बिहार से दबोचा गया
मुंबई। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। भिवंडी पुलिस उसे बिहार से पुणे एयरपोर्ट लेकर पहुंची है, जहां से जल्द ही आगे की कार्रवाई के लिए भिवंडी लाया जाएगा।
जांच में सामने आया है कि बिजेंद्र गुप्ता ने अपने सहयोगी सोनू सिंह के साथ मिलकर प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों को लालच देकर प्रश्नपत्र हासिल किया था। आरोप है कि लीक हुआ पेपर जूते में छिपाकर प्रिंटिंग हाउस से बाहर निकाला गया। शुरुआती जांच के मुताबिक, यह प्रश्नपत्र करीब 8 हजार रुपये में हासिल किया गया और बाद में महाराष्ट्र के भिवंडी व पुणे सहित अन्य स्थानों पर ऊंची कीमत पर बेचा गया। पुलिस के अनुसार, इस पूरे रैकेट से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की अवैध कमाई होने की आशंका है।
ग्राहक बनकर पुलिस ने किया पर्दाफाश
भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग TET का लीक प्रश्नपत्र बेचने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने खरीदार बनकर आरोपियों से संपर्क किया। जैसे ही सौदा तय हुआ, पुलिस ने कोंगांव स्थित एक होटल में छापा मारकर आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसी कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
SIT की कार्रवाई जारी, कई आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने हाल ही में कपिल दहिया, सोनू सिंह और मिथुन सिंह को भी गिरफ्तार किया है। कपिल दहिया को पंजाब के पठानकोट से पकड़ा गया, जबकि सोनू सिंह और मिथुन सिंह को बिहार से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, सोनू सिंह ने फर्जी पहचान पत्र तैयार करने, लीक प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग और उनकी प्रतियां निकालने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, मिथुन सिंह पर मुख्य आरोपी को फरार रहने में मदद करने और संभावित खरीदारों की तलाश करने का आरोप है।
पत्नी पर भी जांच का शिकंजा
इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी की पत्नी सुमन कुमारी को भी गिरफ्तार कर चुकी है। आरोप है कि वह मैसेजिंग ऐप के जरिए अपने फरार पति के संपर्क में थी और जांच में सहयोग नहीं कर रही थी।
पुराना अपराधी है मास्टरमाइंड
जांच एजेंसियों के मुताबिक, बिजेंद्र गुप्ता का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है। वह कई राज्यों में पेपर लीक के मामलों में संदिग्ध या आरोपी रह चुका है। पुलिस का दावा है कि वह गिरफ्तारी के बाद जमानत पर छूटकर फर्जी पहचान के साथ दूसरे राज्यों में सक्रिय हो जाता था।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि इस पेपर लीक गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा प्रश्नपत्र किन-किन उम्मीदवारों तक पहुंचाया गया।