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PM मोदी ने BRICS Summit में गिनाईं भारत की उपलब्धियां, बोले- तकनीक और Critical Minerals का वेपनाइजेशन बन सकता है बाधा

BRICS Summit 2026 में PM नरेंद्र मोदी ने भारत की अध्यक्षता में समूह की पहलों को सामने रखा। उन्होंने Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability को चार प्रमुख स्तंभ बताया। Early Warning System, Startup Innovation Fund, Digital Agriculture, Critical Minerals, MSME और Global South के लिए सहयोग पर भी जोर दिया।
 

PM Modi BRICS Summit: BRICS Summit 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए समूह की बढ़ती भूमिका और भारत की अध्यक्षता में शुरू की गई विभिन्न पहलों का जिक्र किया। PM मोदी ने कहा कि BRICS अलग-अलग महाद्वीपों, संस्कृतियों और विकास यात्राओं को एक साथ जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह समूह की बढ़ती ताकत, आकर्षण और उस पर बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में BRICS के प्रयासों को चार प्रमुख स्तंभों—Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability पर केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी देशों के सहयोग और समर्थन से साझा विजन को व्यावहारिक और विन-विन सहयोग में बदलने की कोशिश की गई है।

BRICS Integrated Early Warning System पर बनी सहमति

PM मोदी ने कहा कि दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहे हैं और इसका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। महामारी, जलवायु आपदाओं और Supply Chain में रुकावटों ने यह स्पष्ट किया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में चुनौतियों की समय रहते पहचान, उनके लिए तैयारी और तत्काल कार्रवाई जरूरी है। इसी सोच के तहत संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए BRICS Integrated Early Warning System पर सहमति बनी है।

Disaster Management के लिए Early Warning Data Integration Guideline

प्रधानमंत्री ने बताया कि आपदा प्रबंधन के लिए Early Warning Data Integration Guideline भी तैयार की गई है। इसके अलावा BRICS Logistics Supply Chain Cooperation Framework के जरिए सप्लाई चेन को ज्यादा भरोसेमंद और मजबूत बनाने की दिशा में काम किया गया है।

उन्होंने कहा कि Innovation के क्षेत्र में BRICS Incubator Network स्टार्टअप और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ने का काम करेगा। इनोवेटिव और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों को बढ़ावा देने के लिए भारत ने BRICS Startup Innovation Fund का प्रस्ताव रखा है।

Digital Agriculture से किसानों को जोड़ने पर जोर

PM मोदी ने BRICS Network on Digital Agriculture का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से किसानों के लिए नई संभावनाएं तैयार करने की कोशिश की जा रही है।

इस पहल के तहत AI, Geospatial Technology और Digital Public Infrastructure को किसानों की वास्तविक जरूरतों के साथ जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में तकनीक के इस्तेमाल को अधिक उपयोगी और व्यावहारिक बनाना है।

Technology और Critical Minerals के Weaponization पर चिंता

प्रधानमंत्री ने चेताया कि Technology और Critical Minerals का Weaponization साझा प्रगति के रास्ते में बाधा बन सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीक को अपनाने में Inclusivity पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

PM मोदी ने कहा कि भारत ने BRICS के मंच से मित्रता, सहभागिता और सहयोग को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। उनका कहना था कि BRICS का सहयोग केवल सरकारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। Entrepreneurs, Farmers, Researchers, Women, Youth और आम नागरिक भी इस सहयोग के सक्रिय भागीदार बनने चाहिए।

BRICS Connect से Skills और Employment पर फोकस

PM मोदी ने कहा कि BRICS Connect के जरिए Skills, Employability, Women in Workforce, Social Security और Capacity Building को बढ़ावा दिया गया है।

उन्होंने बताया कि छोटे उद्यमों को Knowledge, Finance और नए Markets से जोड़ने के लिए BRICS MSME Cooperation Portal की पहल की गई है। वहीं, शहरों के बीच बेहतर व्यवस्थाओं और Best Practices को साझा करने के लिए BRICS Urban Mobility Hub स्थापित करने की दिशा में भी काम किया गया है।

मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर जोर

Sustainability को लेकर प्रधानमंत्री ने भारतीय सभ्यता और प्रकृति के बीच संबंध का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है और सदियों से यह मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि पूरक हैं।

PM मोदी ने कहा कि BRICS में भी मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर जोर दिया गया है। यही Sustainability का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।

इस दिशा में Smart Grids और Energy Storage के लिए BRICS Digital Centre of Excellence बनाया गया है। इससे Clean Energy Systems को ज्यादा भरोसेमंद, प्रभावी और सुलभ बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि Agro-Ecology और Regenerative Agriculture के Centres of Excellence के जरिए पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, Community-Based Climate Adaptation के लिए तैयार किए गए सिद्धांतों में Indigenous Knowledge को Climate Action का महत्वपूर्ण आधार बनाने पर जोर दिया गया है।

BRICS के जरिए Inclusive Global Growth पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन चारों स्तंभों के आधार पर BRICS के जरिए Inclusive Global Growth को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि BRICS में विकसित किए गए समाधानों का लाभ केवल सदस्य देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने जोर दिया कि इन समाधानों को Global South की जरूरतों के अनुरूप Adaptable और Accessible बनाया जाना चाहिए, ताकि विकास का फायदा ज्यादा से ज्यादा देशों तक पहुंच सके।

Global South का BRICS पर बढ़ा भरोसा: PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि उनके निजी अनुभव के आधार पर वह कह सकते हैं कि BRICS में Global South के देशों का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इन देशों की आवाज BRICS में सुनी जाती है, उनके अनुभवों का सम्मान किया जाता है और उनके लिए समाधान केवल बनाए नहीं जाते, बल्कि उनके साथ मिलकर तैयार किए जाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि BRICS की ताकत उसकी Diversity और Cooperation में है।

'हमारी विविधता हमारी पहचान रहे'

अपने संबोधन के अंत में PM मोदी ने कहा कि BRICS के देश अलग-अलग वास्तविकताओं से जुड़े हुए हैं, लेकिन सहयोग के जरिए आगे बढ़ सकते हैं और मानवता के लिए बेहतर भविष्य तैयार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी विविधता हमारी पहचान रहे, हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने और हमारी प्रगति पूरी मानवता के काम आए। इससे पहले BRICS Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे थे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया था।