{"vars":{"id": "130921:5012"}}

PM मोदी से वीडियो कॉल पर बात करते हुए भावुक हुए कैप्टन स्मित, बोले- संकट में पढ़ता रहा हनुमान चालीसा
 

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की और उड़ान के दौरान पैदा हुए गंभीर संकट में उनके साहस, सूझबूझ और संयम की सराहना की। कैप्टन स्मित इस समय अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। बातचीत के दौरान वे भावुक भी हो गए और प्रधानमंत्री मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया।

मामला फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान FZ1073 का है। बुधवार को उड़ान के दौरान कॉकपिट में गंभीर हिंसक घटना हुई थी। अधिकारियों के शुरुआती बयानों के मुताबिक, को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित पर हमला किया, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। UAE और अन्य संबंधित एजेंसियां घटना की जांच कर रही हैं। को-पायलट के ओमानी नागरिक होने की बात कुछ अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों में कही गई है, हालांकि UAE अथॉरिटी और फ्लाईदुबई ने उसकी राष्ट्रीयता की औपचारिक पुष्टि नहीं की है।

गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी खोला कॉकपिट का दरवाजा

कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि हमले में उन्हें कई चोटें आईं और वे कॉकपिट में गिर गए थे। इसके बावजूद उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान बेहद तेजी से नीचे जा रहा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, विमान करीब 30 सेकंड में लगभग 14 हजार फीट नीचे आ गया था। घायल अवस्था में कैप्टन स्मित ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद केबिन में मौजूद लोगों ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने बाद में फ्लाइट को संभाला और सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंड कराया।

कैप्टन स्मित ने बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें विमान उड़ाने का करीब 17 वर्षों का अनुभव है और वे लगभग 11 वर्षों से कैप्टन के रूप में काम कर रहे हैं। उनके पास 9,750 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव है। उन्होंने कहा कि जमीन पर गिरे होने के बावजूद उन्हें विमान की स्थिति का अंदाजा हो रहा था और उसी समय उन्होंने कार्रवाई करने का फैसला किया।

PM मोदी ने की साहस और सूझबूझ की तारीफ

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा कि बेहद गंभीर परिस्थिति में भी उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और असाधारण साहस का परिचय दिया। उन्होंने कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

करीब नौ से दस मिनट चली बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि मोदी उनके सबसे बड़े आदर्श हैं और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें प्रधानमंत्री से सीधे बात करने का अवसर मिलेगा।

‘संकट के समय पढ़ता रहा हनुमान चालीसा’

कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि मुश्किल समय में उन्हें अपनी आस्था से हिम्मत मिली। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें डर या दर्द महसूस होता है, वे हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और विमान में हुए इस संकट के दौरान भी वे इसका पाठ करते रहे।

कैप्टन स्मित ने यह भी बताया कि वे हाल ही में मुंबई से दुबई शिफ्ट हुए हैं और अपने छोटे बेटे को भी हनुमान चालीसा सुनाते हैं ताकि विदेश में रहते हुए परिवार भारतीय संस्कृति से जुड़ा रहे।

फ्लाईदुबई की इस घटना की जांच अभी जारी है। UAE के अटॉर्नी जनरल ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और अधिकारी यह भी जांच रहे हैं कि घटना के पीछे किसी आतंकी गतिविधि का संबंध था या नहीं।