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IIT बॉम्बे हॉस्टल से हटेंगे सीलिंग फैन, लगेंगे वॉल-माउंटेड फैन; साहिल की मौत के बाद बड़ा फैसला
 

 

मुंबई। IIT बॉम्बे में B.Tech के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस में छात्रों का विरोध जारी है। इसी बीच संस्थान के हॉस्टलों में सीलिंग फैन की जगह वॉल-माउंटेड फैन लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नए फैन की पहली खेप कैंपस पहुंच चुकी है।

साहिल वाकोडे महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले थे और IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में पढ़ रहे थे। 18 सितंबर को वह पवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, इससे पहले परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन पाए जाने को लेकर विवाद हुआ था। मामले की जांच जारी है।

फैन बदलने का फैसला पहले से था?

IIT बॉम्बे प्रशासन का कहना है कि हॉस्टल में कई नवीनीकरण कार्य पहले से प्रस्तावित थे और सीलिंग फैन को वॉल-माउंटेड फैन से बदलना भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। वहीं, रिपोर्टों के अनुसार फैन बदलने पर करीब दो महीने से विचार चल रहा था और जुलाई में भी इस कदम को लेकर चर्चा हुई थी।

साहिल की मौत के बाद इस फैसले ने खासा ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि उनकी मौत हॉस्टल के कमरे में सीलिंग फैन से हुई थी।

क्या सिर्फ फैन बदलने से रुकेगी आत्महत्या?

NCP (SP) के प्रवक्ता अनीश गवंडे ने IIT बॉम्बे के इस कदम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केवल सीलिंग फैन हटाने से छात्रों की आत्महत्या की समस्या का समाधान नहीं होगा और संस्थानों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता तथा आत्महत्या रोकथाम के उपायों पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

गवंडे ने दावा किया कि पिछले 20 वर्षों में IITs में 117 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की है। हालांकि, अलग-अलग स्रोतों में IITs में छात्र आत्महत्याओं और अप्राकृतिक मौतों के आंकड़े अलग-अलग बताए गए हैं। उदाहरण के लिए, शिक्षा मंत्रालय ने 2018 से 2023 के बीच IITs में 39 छात्र आत्महत्याओं की जानकारी संसद में दी थी।

साहिल वाकोडे की मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच चल रही है। उनके परिवार ने संस्थान में उत्पीड़न और जातीय भेदभाव के आरोप लगाए हैं, जबकि IIT बॉम्बे ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है।