बारिश भी नहीं डिगा सकी चंद्रशेखर आजाद का संकल्प, जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में संसद परिसर में धरने पर बैठे
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में संसद परिसर में अंबेडकर प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठे हैं। वह सोमवार देर रात से धरने पर डटे हुए हैं।
मंगलवार सुबह दिल्ली में बारिश होने के बावजूद चंद्रशेखर आजाद अपनी जगह से नहीं हटे। उन्होंने छाता लगाकर अपना धरना जारी रखा और विरोध दर्ज कराया।
धरने के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए एक लंबा-चौड़ा पोस्ट करते हुए लिखा, ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है, वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है। आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
उन्होंने आगे लिखा, लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) July 20, 2026
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।
आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने… pic.twitter.com/iaLOkDTv5c
चंद्रशेखर आजाद का यह धरना जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में जारी है। उनके धरने को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।