6 साल बाद भारत आ सकते हैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने की संभावना
New Delhi : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आने की संभावना जताई जा रही है। यदि यह दौरा होता है तो जून 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद यह उनकी पहली और लगभग छह वर्षों में भारत की पहली यात्रा होगी।
सूत्रों के अनुसार, 12-13 सितंबर को प्रस्तावित ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शी जिनपिंग भारत आ सकते हैं। उनकी पिछली भारत यात्रा अक्टूबर 2019 में हुई थी, जो वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैन्य तनाव से कुछ महीने पहले हुई थी।
भारत-चीन रिश्तों में नया संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच वर्षों से चले आ रहे तनाव के बाद रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। प्रस्तावित यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर बातचीत तेज होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी उच्चस्तरीय वार्ता के लिए चीन जा सकते हैं। इसके अलावा सीमा मामलों पर वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की बैठक भी जल्द होने की उम्मीद है।
यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं, तो ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान उनकी और भारतीय नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय बैठक पर सभी की नजरें रहेंगी। इस दौरान सीमा विवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार, आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच अहम बैठक
यह संभावित मुलाकात ऐसे समय में होने जा रही है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिकी टैरिफ नीति और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। ऐसे में भारत और चीन के बीच संवाद को क्षेत्रीय और वैश्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।