1 फरवरी से सिगरेट और तंबाकू उत्पाद होंगे महंगे, कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट
नई दिल्ली I केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर टैक्स व्यवस्था को और सख्त करने का बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2025 को देर रात अधिसूचना जारी कर तंबाकू, सिगरेट, जर्दा और गुटखा पैकेजिंग मशीनों से जुड़े नए नियमों को नोटिफाई कर दिया। नए नियम 1 फरवरी 2026 से लागू होंगे, जिससे देश में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की कीमतें बढ़ जाएंगी।
नए नियमों के तहत सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक्स पर 2,050 रुपये से 8,500 रुपये तक की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगेगी। यह ड्यूटी मौजूदा 40% GST के ऊपर होगी। पान मसाला पर नया हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस लगेगा, जो मशीन की क्षमता के आधार पर वसूला जाएगा। इससे टैक्स चोरी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
यह बदलाव GST कंपनसेशन सेस को खत्म करने की जगह लाया गया है। संसद ने दिसंबर 2025 में इससे जुड़े दो बिलों को मंजूरी दी थी। वहीं, बीड़ी पर टैक्स दर 18% ही रहेगी।
शेयर बाजार पर असर
इस खबर के बाद तंबाकू कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। मार्केट लीडर ITC (गोल्ड फ्लेक, क्लासिक ब्रांड) का शेयर 8% से ज्यादा गिरकर निचले स्तरों पर पहुंच गया। गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया (मार्लबो ब्रांड) के शेयरों में भी 12% तक की गिरावट दर्ज की गई। FMCG इंडेक्स भी 3% से अधिक लुढ़का।
स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया भर में हर साल सिगरेट और तंबाकू से 80 लाख से अधिक लोगों की समय पूर्व मौत होती है। भारत में स्मोकिंग और अन्य तंबाकू उत्पादों से सालाना 13.5 लाख मौतें होती हैं, जिनमें से अकेले सिगरेट से 10 लाख से ज्यादा। भारत में 10 करोड़ से अधिक स्मोकर हैं, जो चीन के बाद दुनिया में दूसरे नंबर पर है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की स्टडी के मुताबिक, एक सिगरेट पीने से जीवन से औसतन 20 मिनट कम होते हैं।