CM योगी का बड़ा बयान: संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र ही सर्वोपरि, प्रयागराज विवाद पर साफ संदेश
चण्डीगढ़: हरियाणा के सोनीपत जिले के मुरथल स्थित बाबा नागे वाला धाम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने आठमान भंडारे में भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में नाथ संप्रदाय के संतों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, जहां योगी के संबोधन पर मंच जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने संतों के नाम लेकर जयकारों से की।
योगी आदित्यनाथ ने आयोजक गोरक्षपीठाधीश्वर महंत बालक नाथ महाराज, यहां के महंत और अन्य आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि नाथ संप्रदाय भारत की सांस्कृतिक विरासत में सबसे प्राचीन और प्रभावशाली समुदाय है। यह संप्रदाय जनता को जीने का अच्छा तरीका सिखाता है और सनातन धर्म को मजबूत करने में सबसे आगे खड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सनातन धर्म की ओर अग्रसर है।
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद के बीच योगी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "एक योगी, एक संत या संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। संन्यासी की कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती, उसकी असली संपत्ति धर्म है और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान है।"
योगी ने आगे कहा कि गुलामी और विदेशी ताकतों को पीछे छोड़ते हुए हम विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं। भारत का हित होगा तो सनातन धर्म मजबूत होगा, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। राजनीति भी ऐसे लोगों के हाथों में होनी चाहिए जो भारत को मजबूत बनाएं। उन्होंने पिछले 11 वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए राम मंदिर निर्माण को याद किया और कहा कि राम मंदिर एक कल्पना थी, लेकिन अच्छी सरकार बनने से हकीकत बन गया। आज अयोध्या में राम मंदिर की पताका फहरा रही है, काशी में भी ऐसा हो रहा है। प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर चार करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
भविष्य की बात करते हुए योगी ने कहा, "आगे 1 हजार साल भारत का डंका बजेगा। हमें राजनीति से नहीं, जनता से और प्रदेश से विकसित होना है।" उन्होंने मुरथल को नशा मुक्त और मांसाहार मुक्त बताते हुए कहा कि अगर मुरथल नशा मुक्त हो सकता है, तो युवा नशे से दूर रहेंगे। नशे को युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा खतरा करार देते हुए उन्होंने कहा कि दुश्मन अब सेना से नहीं, नशे के जरिए युवाओं को निशाना बना रहे हैं। नशे को पहले रोका जाएगा, सीमाओं के पार से आने वाले नशे और सप्लायर्स की जानकारी पुलिस को दें।
योगी ने धर्मांतरण और लव जिहाद पर सख्ती की बात की। कहा कि केरल हाई कोर्ट ने भी लव जिहाद को इस्लामिक राज्य बनाने की साजिश बताया था। इसे रोकने के लिए सनातन धर्म को मजबूत करना होगा। धर्म उपासना होनी चाहिए, लेकिन थोपा नहीं जा सकता। हरियाणा की धरती से कृष्ण भगवान ने गीता का उपदेश दिया, अच्छे कर्म करने चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि देव तुल्य नदियों को खराब करने का अधिकार किसी को नहीं। तालाबों का संरक्षण, नदियों को पुनर्जीवित करना हमारा काम है। हरियाणा में सरस्वती नदी को जीवित करने का काम किया गया। अंत में उन्होंने अयोध्या में 45 करोड़ श्रद्धालुओं के दर्शन का जिक्र किया और कहा कि हर मंदिर को धाम में बदलने का दायित्व हमारा है। जो भी विकृति सनातन धर्म को खराब करेगी, उसे मोर्चा खोलकर बाहर किया जाएगा। शताब्दी महोत्सव का आयोजन हमारा लक्ष्य है, सभी रूपों से विकसित भारत बनेगा।