UP में मदरसों पर CM योगी की सख्ती: ATS को जमा करनी होगी छात्रों-मौलानाओं की पूरी जानकारी
लखनऊ I दिल्ली में हाल ही में हुए बम धमाके के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने सभी मदरसों को निर्देश दिया है कि वे वहां पढ़ने वाले सभी छात्रों और मौलानाओं की विस्तृत जानकारी राज्य के एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के कार्यालय में जमा करें। इस फैसले का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और संभावित खतरों पर नजर रखना है।
नए आदेश के तहत, मदरसों को छात्रों के नाम, पता, फोन नंबर, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि और अन्य व्यक्तिगत विवरण ATS को उपलब्ध कराने होंगे। विशेष रूप से, विदेशी छात्रों की जानकारी पर अतिरिक्त जोर दिया गया है, जिसमें उनके पासपोर्ट नंबर, वीजा स्टेटस और देश की जानकारी शामिल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कदम दिल्ली के लाल किले क्षेत्र में 10 नवंबर को हुए बम धमाके की घटना से प्रेरित है, जिसमें आतंकी तत्वों का यूपी कनेक्शन भी सामने आया था।
सरकारी स्तर पर जारी इस पत्र को सभी जिला मजिस्ट्रेटों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के माध्यम से मदरसों तक पहुंचाया जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यह उपाय सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। ATS को प्राप्त जानकारी से संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।" दिल्ली धमाके की जांच में यूपी एटीएस की भूमिका पहले से ही सक्रिय है, जहां लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में छापेमारी और लखीमपुर खीरी से एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया था।
इस आदेश पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी के एक नेता ने इसे "समुदाय-विशेष के खिलाफ भेदभाव" करार दिया, जबकि भाजपा ने इसे "राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में आवश्यक कदम" बताया। धार्मिक संगठनों ने भी सरकार से स्पष्टता की मांग की है कि यह जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।
मदरसा शिक्षा बोर्ड के अनुसार, उत्तर प्रदेश में करीब 20,000 से अधिक पंजीकृत मदरसे हैं, जहां लाखों छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस आदेश के अमल से इन संस्थानों पर अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ पड़ सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि गैर-अनुपालन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मदरसों का पंजीकरण रद्द करने तक के प्रावधान शामिल हैं।