कांग्रेस से TMC, फिर BJP... जानिए, कैसे शुभेंदु अधिकारी बने बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा
Kolkata : पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी एक बड़े और प्रभावशाली नेता के तौर पर उभरकर सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पहले 2021 में नंदीग्राम और फिर 2026 में भवानीपुर सीट पर शिकस्त देने के बाद बीजेपी ने उन्हें राज्य की कमान सौंप दी है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके नाम का आधिकारिक ऐलान किया। अब शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
नंदीग्राम आंदोलन से मिली पहचान
शुभेंदु अधिकारी का नाम पहली बार राज्यभर में उस समय चर्चा में आया, जब उन्होंने 2007-08 में नंदीग्राम आंदोलन का नेतृत्व किया। इंडोनेशिया के सलीम ग्रुप के प्रस्तावित SEZ प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन में उन्होंने भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति (BUPC) का नेतृत्व किया था।
14 मार्च 2007 को नंदीग्राम में पुलिस फायरिंग हुई थी, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना को पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मोड़ माना गया, जिसने 34 साल पुराने वामपंथी शासन के अंत की नींव रखी।
कांग्रेस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
शुभेंदु अधिकारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। इसके बाद वह 1998 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और करीब दो दशक तक ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में गिने गए।
टीएमसी सरकार में उन्होंने परिवहन और सिंचाई मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली. इसके अलावा वह 2009 से 2014 तक तमलुक लोकसभा सीट से सांसद भी रहे। दिसंबर 2020 में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था, जिसके बाद बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
राजनीतिक परिवार से रखते हैं संबंध
शुभेंदु अधिकारी एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद रह चुके हैं। वहीं उनके भाई दिव्येंदु अधिकारी और सौमेंदु अधिकारी भी पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय हैं और बीजेपी से जुड़े हुए हैं। बताया जाता है कि शुभेंदु अधिकारी ने शादी नहीं की है और पूरी तरह राजनीति में सक्रिय रहे हैं।
शिक्षा और निजी जीवन
उन्होंने मेदिनीपुर के कोंताई हाई स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद विद्यासागर यूनिवर्सिटी से संबद्ध प्रभात कुमार कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की। बाद में रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से एमए किया। इसके अलावा नेता सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय से भी शिक्षा प्राप्त की।
कितनी है संपत्ति?
2026 में दाखिल चुनावी हलफनामे के अनुसार शुभेंदु अधिकारी के पास करीब 85.87 लाख रुपये की संपत्ति है। इसमें पुश्तैनी जमीन, आवासीय संपत्ति, बैंक जमा, KVP और NSC निवेश शामिल हैं।
हलफनामे के मुताबिक उनकी सालाना आय लगभग 17.38 लाख रुपये है और उन पर किसी प्रकार का कर्ज नहीं है।