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दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान बवाल, पुलिस से झड़प और पथराव का आरोप; नेहा बोरा समेत कई हिरासत में

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें सामने आईं। अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया, जबकि नेहा बोरा को भी डिटेन किए जाने की खबर है। कनॉट प्लेस के पास पथराव और पुलिसकर्मियों के घायल होने का आरोप लगा।
 

नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कई जगह तनाव की स्थिति बनी। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचते ही हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचीं नेहा बोरा को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। इसी बीच, कनॉट प्लेस और पुराने संसद भवन के आसपास प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच धक्कामुक्की और झड़प की खबरें सामने आईं। एक घटना में पुलिसकर्मियों पर पथराव किए जाने का आरोप भी लगा।

दिल्ली पहुंचते ही CJP के तीन नेता हिरासत में

द लल्लनटॉप की रिपोर्ट के मुताबिक, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी से जुड़े सौरव दास व आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था।

प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को रोका गया। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए दूसरे स्थानों पर पहुंचाया।

नेहा बोरा भी हिरासत में ली गईं

प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा को भी हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। दिल्ली में सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कार्रवाई के बीच कई जगहों पर लोगों की पुलिस से बहस और धक्कामुक्की हुई।

प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाना था। वहीं, पुलिस ने बिना अनुमति जुटने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए कार्रवाई की।

कनॉट प्लेस के पास पथराव का आरोप, पुलिसकर्मी घायल

प्रदर्शन के दौरान मध्य दिल्ली में तनाव बढ़ने की खबरें आईं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पुराने संसद भवन के पास प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की इमारत के बाहर करीब 50 से 60 प्रदर्शनकारियों के जुटने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके जाने का आरोप लगा, जिसमें कम से कम दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई।

हालांकि, इस घटना को CJP के प्रदर्शन से जुड़ी हर झड़प के साथ जोड़कर देखना सही नहीं होगा। मध्य दिल्ली में अलग-अलग समूहों के प्रदर्शन भी चल रहे थे। इसलिए पथराव की घटना में शामिल लोगों की पहचान और उसकी परिस्थितियों को लेकर पुलिस की पुष्टि महत्वपूर्ण है।

जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी। प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया। पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की टीमें लगातार निगरानी करती रहीं।

कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर हिरासत में लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के चलते कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन की प्राथमिकता भीड़ को एक जगह इकट्ठा होने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना रही।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं।

पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद दिल्ली में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए और प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे कई लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों और पथराव के आरोपों की पूरी तस्वीर संबंधित घटनाओं की पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।