{"vars":{"id": "130921:5012"}}

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, परिसर खाली कराया गया

 

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट को ई-मेल के जरिए शुक्रवार को बम की धमकी मिलने से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी भरे ई-मेल में लिखा था कि 'जज रूम/कोर्ट परिसर में तीन बम रखे गए हैं। दोपहर दो बजे तक खाली करा दें।' एहतियातन हाईकोर्ट परिसर को तुरंत खाली करा लिया गया और जजों व वकीलों को बाहर निकाल दिया गया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब स्क्वॉड), स्पेशल सेल और अन्य जांच एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। परिसर की बारी-बारी से तलाशी ली जा रही है, लेकिन अभी तक कुछ संदिग्ध नहीं मिला है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, Delhi High Court यह धमकी एक ई-मेल के माध्यम से भेजी गई थी, जिसमें विजय शर्मा नामक व्यक्ति ने आरजी अरुण भारद्वाज को संबोधित किया था। ई-मेल में दावा किया गया कि 'आज दिल्ली हाईकोर्ट में विस्फोट होगा, जो 1998 के पटना ब्लास्ट की याद दिला देगा।' इसमें पाकिस्तान आईएसआई से जुड़े एक व्यक्ति का जिक्र भी किया गया था। दिल्ली पुलिस ने कहा कि मामला गंभीरता से लिया जा रहा है और ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने के लिए साइबर सेल सक्रिय हो गया है। अधिकांश कोर्ट की कार्यवाही अचानक रोक दी गई है।

Delhi High Court बम से उड़ाने की धमकी घटना ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर में बढ़ रही बम धमकियों की श्रृंखला को उजागर कर दिया है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अगस्त तक करीब 100 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। इनमें डीपीएस वसंत विहार, अमेटी स्कूल साकेत, सलवान पब्लिक स्कूल, मॉडर्न स्कूल, वसंत वैली स्कूल, सेंट स्टीफंस कॉलेज और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं।

वहीं, अगस्त में भी 50 से ज्यादा स्कूलों को 'टेरराइजर्स 111' नामक कथित समूह से धमकियां मिलीं, जिसमें क्रिप्टोकरेंसी में फिरौती की मांग की गई थी। पुलिस का मानना है कि ये धमकियां एक संगठित पैटर्न का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन कोई वास्तविक खतरा साबित नहीं हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से सुरक्षा एजेंसियों का समय और संसाधन बर्बाद होता है, इसलिए सख्त साइबर कानूनों की जरूरत है।