दुनिया में शराब की मांग घटी, लेकिन भारत में प्रीमियम ड्रिंक्स की खपत बढ़ी
मुंबई: जहां एक तरफ वैश्विक स्तर पर शराब की खपत में गिरावट देखी जा रही है, वहीं भारत में प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम शराब की मांग तेजी से बढ़ रही है। 2025 में भारत में प्रीमियम शराब की बिक्री मात्रा के हिसाब से 9% और मूल्य के हिसाब से 12% तक बढ़ी है।
लंदन स्थित इंडस्ट्री ट्रैकर IWSR के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के 22 प्रमुख बाजारों में कुल शराब खपत में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल वैश्विक स्तर पर शराब की खपत में 2% की कमी आई, जबकि मूल्य में भी गिरावट देखी गई। इसका मुख्य कारण कमजोर उपभोक्ता विश्वास और महंगाई रहा, जिससे लोग सस्ती शराब की ओर रुख कर रहे हैं।
हालांकि, भारत इस वैश्विक ट्रेंड से अलग नजर आ रहा है। यहां प्रीमियम ब्रांड्स की मांग लगातार बढ़ रही है। Suntory Global Spirits India के मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज कुमार के अनुसार, भारत में अब उपभोक्ता बेहतर गुणवत्ता और प्रतिष्ठित ब्रांड्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे बाजार में वैल्यू ग्रोथ हो रही है।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा स्पिरिट्स उपभोक्ता देश है, जहां सालाना 410 मिलियन केस से ज्यादा की खपत होती है। हालांकि, हाई-एंड और लग्जरी शराब का हिस्सा अभी भी 5% से कम है, जिसका कारण आयातित शराब पर ऊंचा टैक्स है।
बढ़ते मध्यम वर्ग और हर साल करीब 2 करोड़ नए कानूनी शराब पीने वाले उपभोक्ताओं के जुड़ने से भारत वैश्विक कंपनियों के लिए प्रमुख बाजार बन गया है। Pernod Ricard और Diageo जैसी कंपनियां भारत में प्रीमियम सेगमेंट पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं, ताकि ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में वैश्विक स्तर पर आई मंदी के बावजूद भारत जैसे उभरते बाजार प्रीमियम शराब कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभरे हैं।